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Good news: अब कंप्यूटरीकृत बार कोड में छुपी होगी अभ्यर्थी की पूरी जन्मकुंडली

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

राजस्थान लोक सेवा आयोग एक बड़ा नवाचार करने वाला है। कॉपियों और ओएमआर शीट पर दिखने वाला कम्प्यूटराइज्ड बार कोड अब अभ्यर्थी की ‘कुंडली ’ का काम करेगा। इसमें रोल नंबर सहित अभ्यर्थी के नाम और अन्य जानकारियां दर्ज रहेंगी। इससे कॉपियां-ओएमआर की अदला-बदली, एकदूसरे के परिणाम-अंक बदलने जैसी परेशानियों से आयोग को निजात मिलेगी।

आयोग आरएएस एवं अधीनस्थ सेवा भर्ती परीक्षा सहित कॉलेज लेक्चरर, स्कूल व्याख्याता भर्ती परीक्षा, कृषि, कारागार, कनिष्ठ लेखाकार और अन्य भर्ती परीक्षाओं का आयेाजन करता है। यह भर्तियां कार्मिक विभाग, संबंधित विभाग और सरकार से अभ्यर्थना, पदों का वर्गीकरण मिलने के बाद कराई जाती हैं। आयोग की कॉपियों-ओएमआर शीट पर कंप्यूटराइज्ड बार कोड होते हैं। इनमें अभ्यर्थी के रोल नंबर होते हैं। जिन्हें सिर्फ कंप्यूटर ही स्केन कर सकता है।

अब बार कोड में पूरी जन्मकुंडली
कॉपियों-ओएमआर शीट पर कंप्यूटराइज्ड बार कोड होने के बावजूद आयोग के समक्ष दिक्कतें आती हैं। इनमें अभ्यर्थियों की कॉपियां-ओएमआर की अदला-बदली, एकदूसरे के परिणाम-अंक बदलने जैसी समस्याएं शामिल हैं। कई मामलों में तो आयोग को परिणाम भी संशोधित करना पड़ता है। इसको देखते हुए आयोग ने बार कोड में नवाचार की योजना बनाई है। प्रस्तावित योजना के तहत कम्प्यूटराइज्ड बार कोड में अभ्यर्थी के रोल नंबर सहित नाम, श्रेणी, संवर्ग, जन्मतिथि सहित अन्य जानकारियां दर्ज होंगी। यह सूचनाएं गोपनीय होंगी, जिन्हें जांच के दौरान सिर्फ कंप्यूटर ही पढ़ सकेगा।

छोटी परीक्षा से होगा परीक्षण

आयोग किसी बड़ी परीक्षा के बजाय किसी छोटी परीक्षा से नवाचार का परीक्षण करेगा। इसमें विशेष कंप्यूटराइज्ड बार कोड का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें कामयाबी मिलने पर आरएएस, स्कूल प्राध्यापक, कॉलेज लेक्चरर और अन्य भर्तियों में कंप्यूटराइज्ड बार कोड व्यवस्था को लागू किया जाएगा।

डिजिटल गेटवे से फीस
आयोग अभ्यर्थियों को डेबिट-क्रेडिट कार्ड, पे-टीएम और अन्य ऑनलाइन विकल्पों से फीस भुगतान की सुविधा भी देगा। देश की कई प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में भी यही व्यवस्था लागू है। इससे विद्यार्थी ई-मित्र के अलावा भी इन सुविधाओं से फीस भुगतान कर सकेंगे।

यह होगा फायदा

-कॉपियों-ओएमआर शीट की अदला-बदली की संभावना नहीं
-कंप्यूटराइज्ड बार कोड में होगा सभी अभ्यर्थियों का गोपनीय डाटा

-मूल फार्म और बार कोड में दर्ज सूचनाओं का मिलान आसान
-किसी अभ्यर्थी की आपत्ति अथवा कोर्ट केस पर सूचना देने में सहूलियत

-कॉपियों-ओएमआर की कंप्यूटरीकृत जांच में आसानी

कॉपियों-ओएमआर शीट पर कंप्यूटरीकृत बार कोड व्यवस्था पहले से लागू है। अब इसे और सशक्त बनाया जाएगा। बार कोड में रोल नंबर के अलावा अभ्यर्थी की सभी वांछित जानकारियां होगी। पहले छोटी परीक्षा में इसका परीक्षण करेंगे। बाद में सबमें इसे लागू किया जाएगा।

दीपक उप्रेती, अध्यक्ष राजस्थान लोक सेवा आयोग



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