नई दिल्ली। भारत में जन्मी और पली-बढ़ी गीता गोपीनाथ ने अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के मुख्य अर्थशास्त्री का पद-भार संभाल लिया है। गीता ये दायित्व संभालने वाली पहली महिला हैं। बीते साल अक्टूबर महीने में आईएमएफ की मुखिया क्रिस्टीन लेगार्ड ने संस्था में चीफ इकोनॉमिस्ट के तौर पर गीता के नाम का ऐलान किया था।
गीता गोपीनाथ ने संभाला पद
गीता ने मौरी ओब्सफ़ेल्ड की जगह ली है, जो पिछले वर्ष 31 दिसंबर को रिटायर हो गए थे। गीता मुद्राकोष की आर्थिक सलाहकार और इसके अनुसंधान विभाग की निदेशक बनाई गई हैं।आईएमएफ़ में इस पद पर पहुंचने वाली गीता दूसरी भारतीय हैं। उनसे पहले भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन भी आईएमएफ़ में प्रमुख अर्थशास्त्री रह चुके हैं। हाल में हार्वर्ड गजट के साथ बातचीत में अपनी इस नियुक्ति को एक बड़ा सम्मान बताया था।
कुछ एेसा रहा गीता गोपीनाथ का सफर
गीता गोपीनाथ का जन्म भारत में हुआ था और वह यहीं पली-बढ़ी हैं। वर्तमान में अमरीकी नागरिक गीता गोपीनाथ दिल्ली यूनिवर्सिटी से आर्ट्स स्ट्रीम से ग्रेजुएट हैं। उन्होंने पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के 'दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’ और बाद में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री हासिल की। वर्ष 2001 में प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने के बाद उसी वर्ष शिकागो यूनिर्विटी में एसिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर काम शुरू किया। वर्ष 2005 से वह हाॅर्वर्ड यूनिर्सिटी में पढ़ा रही हैं। लगार्ड ने उनकी नियुक्ति पर कहा गीता दुनिया की बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक हैं। उनका एकाडमिक प्रदर्शन काफी अच्छा है।





No comments:
Post a Comment