जैसलमेर। जैसलमेर स्थित सैन्य स्थल पर तैनाती के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के हनी ट्रेप के जाल में फंस कर सामरिक सूचनाएं मुहैया करवाने के आरोप में पकड़े गए सेना के जवान सोमवीर को पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया।
जहां से कोर्ट ने उसका पुलिस रिमांड 4 दिन और बढ़ाते हुए उसे स्टेट आइबी के हवाले कर दिया। सोमवीर को 22 जनवरी तक रिमांड पर लिया गया है। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद सोमवीर को गत दिनों एक बार फिर जैसलमेर लाया , यहां उससे दी गई सूचनाओं की तस्दीक करवाई गई।
सोमवीर ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अधिकारियों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में था। इस दौरान उसने सामरिक महत्व की सूचनाएं उनके साथ साझा भी की। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की ओर से इस एवज में सोमवीर को पैसे दिए जाने की बात भी साबित हुई है। आरोपी जवान के विरुद्ध स्पेशल पुलिस स्टेशन जयपुर में शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 में मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
गौरतलब है कि राज्य विशेष शाखा, जयपुर की ओर से सेना के जवान सोमवीर को जैसलमेर में कार्यरत रहते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेन्सी की महिला एजेन्ट से निरंतर सम्पर्क में रहने और धन के प्रलोभन में सामरिक महत्व की सूचनाएं साझा करने के मामले में गिरफ्तार किया था। सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों पर राज्य विशेष शाखा के अधिकारियों की स्पेशल टीम व आर्मी इंटेंलीजेन्स जोधपुर की ओर से संयुक्त रूप से काफी समय से निगरानी की जा रही थी।
वह महिला एजेन्ट से अपने प्रशिक्षण काल से ही सम्पर्क में आ गया था। महिला एजेन्ट सोमवीर को हनी ट्रैप में फंसा कर फेसबुक, व्हाट्सऐप आदि के माध्यम से सेना की जानकारी प्राप्त कर रही थी। सोमवीर से विभिन्न एजेन्सियों ने जैसलमेर में प्राथमिक पूछताछ की और जासूसी गतिविधियों में संलिप्त होने पर गहन पूछताछ के लिए केन्द्रीय पूछताछ केन्द्र जयपुर भेजा गया था।





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