नई दिल्ली। राम मंदिर, अध्यादेश, धारा 370 और अन्य राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार को आंख दिखाने वाले सुशासन बाबू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मुुुुद्दे पर पीएम मोदी का खुलकर साथ देने की घोषणा की है। जेडीयू ने संसद में मोदी सरकार की ओर से प्रस्तावित सवर्ण आरक्षण बिल को पास कराने के लिए सभी विपक्षी दलों से अपील भी की है। उन्होंने गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के फैसले का खुलकर स्वागत किया है। नीतीश कुमार ने कहा है कि इससे अगड़ी जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को विकास की मुख्य धारा में लाने में सहयोग मिलेगा।
वीपी सिंह ने दिया था 10 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव
जेडीयू प्रवक्ता प्रवक्ता केसी त्यागी ने बयान जारी कर कहा कि सभी राजनीतिक दलों को संसद में संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करना चाहिए ताकि अगड़ी जातियों में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ों को सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि 1990 में वीपी सिंह नीत सरकार ने उनके लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रस्ताव किया था लेकिन यह लागू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने 2011 में अगड़ी जाति आयोग का गठन किया था। ताकि उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थितियों का आकलन किया जा सके।





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