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JEE Main Result 2019: जुनून ऐसा कि टॉप के लिए सब कुछ छोड़ा, हासिल किए 99.99 पर्सेंटाइल, गणित में 120 में से 120

सीकर.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेन जनवरी-2019 सेशन के प्रथम प्रश्न पत्र का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया। परीक्षा में 8,74,469 कैंडिडेट परीक्षा में शामिल हुए। इस परीक्षा में 15 विद्यार्थियों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हंै। सीकर की कौटिल्य, मैट्रिक्स व पीसीपी के होनहारों ने बाजी मारी। मैटिक्स के 70 से अधिक बच्चों ने 99 फीसदी से अधिक पर्सेंटाइल हासिल की है।
टॉप रैंक हासिल करने के जुनून के लिए शौक भी छोडऩे पड़ते है। बिना कुछ त्यागे सफलता नहीं मिल सकती। यह संघर्ष की कहानी है जेईई मेन के परिणाम में टॉप रैंक हासिल करने वाले होनहारों की। सीकर की कौटिल्य आईआईटी एकेडमी के दो होनहारों ने बारहवीं के साथ शानदार स्कोर किया है। होनहार आयुष जांगिड़ ने गणित विषय में पूरे अंक हासिल किए है। आयुष ने 360 में से 331 अंक हासिल किए है। वहीं यश शर्मा ने 360 में से 305 अंक अर्जित कर शेखावाटी का नाम रोशन किया है। यश ने फिजिक्स व गणित में 115-115 अंक हासिल किए है। यश ने 99.9889013 व आयुष 99.9754822 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं। संस्थान में मिली वीडियो लाईब्रेरी की सुविधा से पढ़ाई में काफी फायदा मिला। उन्होंने सफलता का श्रेय संस्था निदेशक शंकर बगडिय़ा व प्रबंधक सुशील शर्मा को दिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक गर्ग, उत्सव अनल, अशोक भामू ने जब भी मनोबल गिरा तो उसको आगे बढ़ाने का काम किया। परिणाम की खुशी में संस्थान में जमकर जश्न मनाया गया।

टॉप रैंक हासिल करने के जुनून के लिए शौक भी छोडऩे पड़ते है। बिना कुछ त्यागे सफलता नहीं मिल सकती। यह संघर्ष की कहानी है जेईई मेन के परिणाम में टॉप रैंक हासिल करने वाले होनहारों की। सीकर की कौटिल्य आईआईटी एकेडमी के दो होनहारों ने बारहवीं के साथ शानदार स्कोर किया है।

दो साल से मोबाइल ही नहीं देखा
कक्षा दसवीं पास की उसी समय तय कर लिया कि मुझे सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना है। गर्मियों की छुट्टियों में मोबाइल पर गेम्स खेलने का शौक भी लग गया। लेकिन परिजन व शिक्षकों ने समझाया कि मोबाइल तो जीवनभर यही रहेगा, लेकिन पढ़ाई के लिए मौका नहीं मिलेगा। कौटिल्य एकेडमी के बारे में बताते है जब भी हताश होता तो निदेशक व प्रबंधक हमेशा हौसला बढ़ाते। इसी वजह से आज यह सफलता हासिल की है।


क्रिकेट के बजाय पढ़ाई में रेकार्ड बनाया
पोलोग्राउण्ड निवासी यश शर्मा को बचपन से क्रिकेट खेलने का काफी शौक था। लेकिन सफलता के जुनुन के लिए क्रिकेट को अलविदा कह दिया। कक्षा दसवीं में 95 फीसदी अंक हासिल करने वाले यश ने बताया कि वह आठ से दस घंटे पढ़ाई करता है। वह बताते है कि परीक्षा वाले दादी को स्वाइन फ्लू हो गया। इससे मन को काफी बैचनी हुई। लेकिन मौसी अनिता शर्मा ने काफी हिम्मत दिलाई। सफलता में संस्था निदेशक शंकर बगडिय़ा व प्रबंधक सुशील शर्मा के अलावा शिक्षकों का अहम रोल रहा है। यश के पिता मुरारीलाल शर्मा फिलहाल नागौर में उपखंड अधिकारी के पद पर कार्यरत है।


पीसीपी होनहारों की फिर धाक
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ओर से पहली बार आयोजित जेईई (मेन) परीक्षा परिणाम में आईआईटी जेईई एवं नीट कोचिंग संस्था पीसीपी के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन कर इतिहास दोहराया है। पीसीपी के रेगुलर क्लासरूम विद्यार्थी श्रीकांत शर्मा ने 99.60, सौरभ तिवाड़ी ने 99.58, रणजीत खीचड़ ने 99.40, मोहित शर्मा ने 99.04, नंदराम प्रजापत ने 99.01 एवं कर्णवीर ने 99 परसेन्टाइल हासिल किए हैं। सैंकड़ों विद्यार्थियों ने 97 परसेन्टाइल से अधिक अंक हासिल किये हैं। परिणाम की खुशी में शनिवार को जश्न मनाया गया।



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