सीकर.
सरकार द्वारा किसानों के संपूर्ण कर्जामाफी घोषणा को पूरा नहीं करने के विरोध में हजारों किसान विरोध प्रदर्शन पर उतर आए। जिले में सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए किसानों नें माकपा के नेेतृत्व में ग्रामीण व तहसील स्तर पर कर्जमाफी के आदेशों की प्रतियां जलाकर जमकर नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार ने घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के अंदर संपूर्ण कर्जामाफी की बात कहीं थी वह जब सरकार सत्ता में आई तो केवल डिफॉल्टर किसानों का 2 लाख तक कर्जा किया है जो पूरी तहर से सरकार की वादाखिलाफी है। चुनाव से पूर्व किये गए वादे के अनुसार राज्य सरकार को किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करना चाहिए। इसके अलावा किसानों ने बेरोजगारों को 3500 तथा किसानों को 5000 रुपये की वृद्धावस्था पेंशन शुरू करने की बात कही है। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द ही सरकार किसानों की मांग नहीं मानती है तो सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
कांवट में विरोध प्रदर्शन, जलाई प्रतियां
जिले के कांवट कस्बे में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों ने कर्जमाफी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने कांवट बस स्टैंड पर घण्टाघर के पास प्रदर्शन करते हुए किसानों के कर्जमाफी के आदेशों की प्रतियां जलाकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसान सभा में कर्ज माफी के आदेशों की जलाई प्रतियां
लोसल. अखिल भारतीय किसान सभा द्वारा मंगलवार को कस्बे के बस स्टैंड पर कांग्रेस द्वारा जारी किए गए कर्ज माफी के आदेशों की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। किसान सभा के इकाई अध्यक्ष मोहन राम ने बताया कि कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनावो में किसानों किसानों के संपूर्ण कर्जा माफी का वादा किया था लेकिन वोट बैंक की राजनीति कर कांग्रेस पार्टी ने किसानों के साथ विश्वासघात किया है यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य की कांग्रेस सरकार में व केंद्र की मोदी सरकार में किसानों के लिए कोई भी काम नहीं किया है कि वह किसानों को बरगला कर वोट लेने का जरिया बनाया है लेकिन अब किसान जाग चुका है और अपने हक की लड़ाई लड़ कर अपना हक प्राप्त करेगा हम जब तक प्रयास करते रहेंगे जब तक सरकार सभी किसानों को कर्ज माफी का फायदा नहीं दे दे।





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