पाली. समाज में दहेज की कुरीति मिटाने के लिए अब युवाओं में जागरूकता आई हैं। पाली पंचायत समिति के उप प्रधान नरेन्द्रसिंह हेमावास ने भी ऐसा ही उदाहरण पेश किया। उन्होंने ससुराल पक्ष से दहेज लेने से इनकार कर दिया। नरेन्द्र की बारात मंगलवार को जालोर जिले के जाणवी गांव पहुंची। मण्डप में फेरे लेने से पहले ही सिंह ने ससुराल पक्ष के समक्ष अपना संकल्प साझा किया और दहेज के लिए मनाही कर दी। उप प्रधान नरेन्द्र ने बताया कि दहेज जैसी कुरीतियों के कारण हजारों रिश्ते तार-तार हुए हैं। इसके बावजूद दहेज जैसी कुरीति का समाज में स्थापित रहना हम सभी के लिए चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि इस कुरीति को मिटाने की शुरूआत खुद से कर रहे है। युवाओं को भी दहेज के विरुद्ध खड़ा करने के लिए प्रेरितकरेंगे।
राजपूत समाज ने देश के उत्थान के लिए की ऐसी अनूठी पहल
पाली. राणकपुर की मेवाड़ी धरा पर एक बार फिर से राष्ट्रीयता की अनूठी अलख जागी और एक ऐसी अनूठी परम्परा स्थापित हुई जो न केवल अनुकरणीय है, बल्कि आत्मसात करने योग्य है। विवाह में नेग देना सदियों पुरानी परम्परा रही है। राष्ट्र के उत्थान के लिए ‘नेग’ देकर वर-वधू पक्ष ने नई इबारत लिखी है। हाल ही में राणकपुर में हुए शादी समारोह में वर-वधू पक्ष ने शिक्षा और सैनिकों के कल्याण के लिए एक-एक लाख रुपए भेंट किए। जालोर जिले के पांणवा गांव के महावीरसिंह मण्डलावत के पुत्र प्रदीपसिंह व भीलवाड़ा जिले के बदनौर के ललितसिंह की पुत्री कीर्ति कुंवर के रणकपुर में हुए विवाह में वर व वधू पक्ष ने संयुक्त रूप से एक अभिनव पहल करते हुए राजपूत समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा दान के रूप में 51-51 हजार की राशि व 51-51 हजार की राशि सैनिक कल्याण कोष के लिए भेंट की है।
शिक्षा के लिए दिए आर्थिक सहयोग
वर व वधू पक्ष ने मिलकर यह तय किया शादी जैसे शुभ अवसर पर उन्हें ऐसी पहल करनी चाहिए जिससे समाज में आर्थिक स्थिति से पिछड़े परिवारों की प्रतिभाओं को आगे शिक्षा प्राप्त करने में सम्बल मिल सके। उन्होंने राजपूत शिक्षा कोष के संस्थापक पूर्व सांसद व पदमभूषण डॉ. नारायण सिंह माणकलाव व चक्रवर्तीसिंह जोजावर को शादी में निमंत्रण देकर बुलाया और यह राशि भेंट की। दोनों पक्ष द्वारा 51-51 हजार की राशि भेंट की।
सैनिकों को भी दिया सम्मान
पूर्व सैन्य परिवारजनों की सहायता के लिए 51-51 हजार की राशि के दो चेक भी जिला सैनिक कल्याण पाली को प्रदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर व वधू पक्ष के इस कदम की समारोह में उपस्थित सभी ने सराहना की व एक अनुकरणीय कार्य बताया।





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