आबूरोड. तहसील क्षेत्र में बच्चों को स्कूल से पूर्व की शिक्षा व पौष्टिक आहार, टीकाकरण आदि सुविधाओं के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति के कारण बच्चे व महिलाएं यहां आना पसंद ही नहीं करती है। कहीं जर्जर हाल भवन तो कहीं असुविधाओं का आलम। कुछ ैऐसी ही स्थिति गिरवर-१ प्रथम आंगनवाड़ी केंद्र का है। गांव के मुख्य मार्ग के पास ही आंगनवाड़ी केंद्र का राजकीय भवन बना हुआ है, लेकिन लम्बे समय से भवन के क्षतिग्रस्त होने व विभाग द्वारा इसकी मरम्मत नहीं किए जाने के कारण ये केंद्र जर्जर स्थिति में था, ऐसे में बच्चों व महिलाओं को यहां बैठाना जान जोखिम में डालने जैसा था। ऐसे में केंद्र को पंचायत के सामुदायिक भवन में शिफ्ट किया गया। हॉल में भी पंचायत का अनुपयोगी सामान पड़ा होने से भवन का एक तरफ के भाग का ही उपयोग किया जाता है। बीच में पर्दा लगाकर पार्टेशन किया गया है। कार्यकर्ता ललिता देवी ने बताया कि सरकारी भवन काफी समय से क्षतिग्रस्त होने के कारण सामुदायिक भवन में केंद्र संचालित हो रहा है। भवन में पंचायत का अनुपयोगी सामान होने से दिक्कत तो आती ही है। भवन की मरम्मत के लिए विभागीय अधिकारी को अवगत करवा दिया था, लेकिन मरम्मत नहीं होने से दिक्कत आती है।
केंद्र पर बच्चों की उपस्थिति भी कम
केंद्र पर वैसे तो २५ बच्चों का नामांकन है, लेकिन गुरुवार को केवल पांच बच्चे ही उपस्थित मिले। कार्यकर्ता ने बताया कि सर्दी अधिक होने के कारण बच्चे देरी से आते हैं। वैसे सहयोगिनी बच्चों को लेने ही गई है।
गंदगी के बीच आवाजाही
सामुदायिक भवन के बाहर ही पसरी गंदगी के कारण बच्चों व महिलाओं को आवाजाही में खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आसपास निवासरत ग्रामीणों ने बताया कि पास ही पंचायत कार्यालय होने के बावजूद भवन के आगे पसरी गंदगी के कारण बच्चों को आवाजाही में परेशानी होती है। पंचायत को कई बार अवगत करवाने के बावजूद कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।





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