राजस्थान प्रदेश के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के चुनाव में बेटे जगत सिंह के प्रचार में आए पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल को विफल बताया। उन्होंने कहा कि अब भाजपा की वो स्थिति नहीं है जो 2014 में थी। आगामी लोकसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश में ही भाजपा की सीट 73 से केवल 20 या 25 ही रह जाएंगी। हाल के तीन प्रदेश में भाजपा की हार से यह साबित हो गया है कि इनको चुनौती मिलेगी। वैसे भी भाजपा दक्षिण भारत को समझ नहीं पाई है। ऑल इण्डिया विजन जो पहले कांग्रेस पार्टी का था। वो नहीं है।
उन्होंने कहा कि मोदी ने जो वादे किए पूरे नहीं किए। कहा था बेरोजगारी हटाएंगे। नहीं हटी। कहा था कि पाकिस्तान के साथ कुछ करेंगे। पाकिस्तान गए लेकिन उसका नजीता कुछ नहीं निकला। प्रधानमंत्री विदेशों में गए। उसकी पब्लिसिटी मिली। लेकिन उसका फायदा कुछ नहीं मिला। अमेरिका के प्रधानमंत्रीट्रंप कभी भारत की तारीफ करते हैं। दूसरे दिन ही बुराई कर देते हैं। इतने अच्छे रिश्ते होते तो ट्रंप भारत भी आते। जो चाइना, जापान, सिंगाापुर सहित अनेक देशों में जा चुके हैं।
नटवर सिंह ने कहा कि मोदी के पास अब 272 सीट हैं। पांच साल के बाद 100 सीट रह जाएंगी। कांग्रेस की 44 सीट बढकऱ से 90 से 100 हो सकती हैं। कोलकाता के कार्यक्रम से साबित हो गया कि महागठबंधन तो होगा। अब निर्भर करेगा कि टिकट वितरण में कितने लोग साथ रहेंगे। लेकिन ये लगने लगा है कि महागठबंधन टूटेगा नहीं। पहले मजाक लग रहा था। लेकिन ममता बनर्जी ने दिखा दिया कि सब एक साथ रह सकते हैं। लेकिन इस महागठबंधन को चलाने के लिए कॉमन मिनमम प्रोग्राम बनाना होगा। जिसमें सबको साथ चलना होगा।
प्रधानमंत्री कौन होगा? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि इस वक्त मायावती का पलड़ा भारी लग रहा है। ऐसा नहीं है कि उनका बेटा बसपा सेचुनाव लड़ रहे हैं। उत्तरप्रदेश में सपा व बसपा का गठबंधन होना ही भाजपा को रोकने का बड़ा कदम है।
रामगढ़ में कांग्रेस के बड़े नेताओं के ताकत लगाने के सवाल पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि आप जानते हैं कि गहलोत व पायलट में कितनी अधिक घनिष्ठता है। राजनीति में बड़े पेंच हैं। हमारा वोटर सब समझता है। ऐसा नहीं है कि जिसकी सरकार होती है बाद के चुनाव परिणाम उसी पार्टी के पक्ष में आते हैं। पहले इंदिरागांधी की सरकार थी। वहीं खुद हार गई थी।
नटवर सिंह से जब यह पूछा गया कि उनके बेटे चुनाव प्रचार में बयानबाजी को लेकर चर्चा में हैं। बाहरी होने का मुद्दा बन रहा है। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि अनेक नेता हैं जो अलग-अलग जगहों से चुनाव लड़ते आ रहे हैं। किसी भी बात को कहने का सही तरीका होना चाहिए। पहले राहुल गांधी ने मनमोहन सिंह का दिया हुआ पर्चा फाड़ दिया था। यह भी कह रहे हैं कि चौकीदार चोर हैं। जबकि राहुल गांधी खुद प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। किसी भी बात को कहने का तरीका होना चाहिए। गलत शब्दों के चयन से किसी को फायदा नहीं मिलता है।





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