10 जनवरी तक चलेगी गणना
प्रतापगढ़ वन विभाग की ओर से मिड विंटर वॉटर फॉल सेंसस 2019 के तहत तालाबों एवं जलाशयों में प्रवासी पक्षियों की गणना शनिवार से शुरू हो गई। यह 10 जनवरी तक चलेगी। जिले के 10 जलाशयों पर वन विभाग कर्मचारी, पर्यावरणप्रेमी और स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य अपने संसाधन लेकर सुबह सात बजे से पहुंच गए। इस दौरान कई प्रजातियों के पक्षियों को कैमरे में कैद किया गया। जलाशयों पर गणना 10 बजे तक चली।
गौरतलब है कि सर्दी के मौसम में जलाशयों में पानी की उपलब्धता रहती है। सात समंदर पार से भी कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षी यहां आते है। जो गर्मी शुरू होने पर अपने मूल स्थान पर चले जाते है। ऐसे में विभाग की ओर से स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के आंकड़े संग्रहित करने का बीड़ा उठाया गया। यह गत दो वर्ष से चल रहा है। जिले में इस बार भी यह गणना शनिवार से शुरू की गई है। यह 10 जनवरी तक चलेगी। इसमें वन विभाग के साथ पर्यावरण प्रेमी और स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य भी गणना में शामिल है।
जिले में इन जलाशयों पर हो रही गणना
वन विभाग की ओर से जिले में स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के अधिकतम संख्या वाले जलाशयों को चिह्नित किए गए है। इसमें तेजल, लालपुरा, नारसिंह माता, गागडिया, खूंता, केशरियावद, दांतलिया, मेल बांध, रायपुर और निनोर तालाब को चिह्नित किया गया है। यहां पर गणना की जा रही है। उपवन संरक्षक अमरसिंह गोठवाल ने बताया कि गणना के दौरान कैमरे, दूरबीन, सामग्री उपलब्ध कराई गई हैं।
इन जलाशयों पर हो रही गणना
वन विभाग की ओर से जिले में स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के अधिकतम संख्या वाले जलाशयों को चिह्नित किए गए है। इसमें तेजल, लालपुरा, नारसिंह माता, गागडिया, खूंता, केशरियावद, दांतलिया, मेल बांध, रायपुर और निनोर तालाब को चिह्नित किया गया है। यहां पर गणना की जा रही है।
जलाशयों पर पक्षियों की गणना सुबह और शाम के समय हो रही है। सहायक वन संरक्षक सुबोधकुमार राजपूत ने बताया कि सुबह सात बजे से 10 बजे तक और शाम को गणना की जा रही है। इसके लिए प्रत्येक जलाशय पर दो-दो कर्मचारी और वालेंटियर्स लगाए गए है। इसके साथ ही पर्यावरण प्रेमी और स्वयं सेवी संस्थाएं भी इसमें शामिल है।





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