सवाईमाधोपुर. जिला अस्पताल में ह्दय रोग से पीडि़त रोगियों के लिए कोई राहत नही है। सामान्य चिकित्सालय में आठ फिजिशियन होने के बावजूद भी रोगियों की धड़कन नहीं धड़क रही है। जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की स्थिति भयावाह बनी है। ह्दय रोग विशेषज्ञ नहीं होने से इनकी जिम्मेदारी आठ फिजिशियनों पर है लेकिन वे भी रोगियों को पूरा उपचार नहीं दे पा रहे है। इसी प्रकार चिकित्सा महकमा की ओर से छह वर्षों से खराब पड़ी कलर टू डीईको मशीन को ठीक कराया जाता, तो फिजिशियन भी डे-वाइज ह्दय रोगियों का उपचार कर सकते है लेकिन चिकित्सा प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहे है। वर्षों से जांच में खराब पड़ी ताले में बंद है। इसका खामियाजा रोगियों व उनके परिजनों को भुगतान पड़ रहा है। वे कोटा व जयपुर में हार्ट मरीजों का उपचार करवा रहे है।
मिलता है रैफर का टिकट
सामान्य चिकित्सालय में ह्दय रोग विशेषज्ञ नहीं होने से रोगी फिजिशिन के भरोसे है। पर्याप्त उपचार नहीं मिलने से रोगियों को सीधे जयपुर या कोटा शहरों में रैफर कर दिया जाता है। यहां यदि खराब मशीने ठीक हो जाए और विशेषज्ञ चिकित्सक सप्ताह में दो बार जिला अस्पताल में जांच करने पहुंचे तो रोगियों को राहत मिल सकती है।





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