उदयपुर. चिकित्सा विभाग में राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी (आरएमआरएस) के अधीन संविदा पर सेवारत एमएनडीवाई कम्यूटर ऑपरेटर्स को बीते 10 माह से मानदेय नहीं मिला है। इससे ऑपरेटर एवं उनके परिवार की आर्थिक हालत गंभीर बनी हुई है। ऑपरेटर्स एसोसिएशन का आरोप है कि उनसे लगातार कई घंटों तक जरूरी सेवाओं वाले कार्य कराए जाते हैं। बावजूद मासिक वेतन को लेकर उनका ही शोषण हो रहा है। आरोप है कि उच्चाधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायत के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।आरोप यह भी है कि विभाग स्तर पर सरकार के माध्यम से वेतन सीधे खाते में जमा करने के लिए पत्र व्यवहार भी किया गया था, जिसके प्रयास भी विफल साबित हुए हैं। समस्या से ऑपरेटर्स को बाजार से उधार लेकर परिवार का गुजारा करना पड़ रहा है। आरोप है कि नियमानुसार विभागीय स्तर पर ऑपरेटर्स के सालाना वेतन में इजाफा होना चाहिए। विभागीय अनदेखी के कारण यह भी संभव नहीं हो रहा है। आरोप है कि विभागीय ओहदेदार छुट्टी के दिन भी ऑपरेटर्स को बुलाकर कार्यालय कार्य कराते हैं। उन्हें नियमित साप्ताहिक अवकाश भी नहीं दिया जाता है। गौरतलब है कि विभाग में आरएमआरएस के अधीन कम्प्यूटर ऑपरेटर्स से सेवाएं लेने का सिलसिला बीते कई सालों से यथावत है। चिकित्सा विभाग, सीएचसी, पीएचसी सहित अन्य जिला अस्पतालों में आरएमआरएस की कमाई से इन कार्मिकों का भुगतान किए जाने का प्रावधान है। दूसरी ओर विभागीय अधिकारी सब जानते हुए भी मौन साधे हुए हैं।





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