सीकर.
पुलिस के कम खौफ और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के कारण बंगाल से यहां आने वाले कारीगरों ने सर्राफा व्यापारियों की नींद उड़ा दी है। दो दिन पहले सुभाष चौक स्थित महालक्ष्मी मार्केट में एक सर्राफा व्यापारी का आठ लाख का सोना लेकर फरार हुए बंगाली कारीगर को पुलिस पकड़ ही नहीं आई थी कि गुरुवार को घंटाघर के पास स्थित निकिता ज्वैलर्स में काम करने वाले बंगाली कारीगर मोसिद व राजा उर्फ फिरोज चकमा देकर करीब छह लाख का सोना चुरा ले गए। हालांकि घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन, नाकाबंदी के अभाव में दोनों आरोपी फरार हो गए। इधर, दुकान मालिक का कहना था कि पिछले साल डेढ़ साल में उसके यहां चार कारीगर 19 लाख रुपए का सोना व नगदी चुराकर पार हो चुके हैं। परंतु पुलिस अभी तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
आलराउंडर बताकर दिया धोखा
रामपुरा रोड पर रहने वाले निकिता ज्वैलर्स के मालिक महेंद्र सोनी ने बताया कि दुकान पर उसे कारीगर की जरूरत थी। इसके लिए उसने अपने चूरू रहने वाले परिचित राजू और रोहित को बताया तो उन्होंने कहा कि एक मोसिद नाम का बंगाली कारीगर है। जो पिछले पांच महीनों से बेरोजगार बैठा है। ऐसे में मोसिद से बात कर उसने उसको 25 जनवरी से अपनी दुकान पर नौकरी के लिए रख लिया था। इसके बाद मोसिद ने बताया कि एक कारीगर राजा उर्फ फिरोज और है। जो आलरांडर है और बारीकी काम का जानकार भी है। इस पर राजा को बुलाकर उसे भी 29 जनवरी से दुकान पर काम के लिए बुला लिया। घटना के दिन दोनों सुबह दुकान पर आए और काम में जुट गए। इसके बाद दोनों मकान पर खाना खाने की बात कहकर चले गए। लेकिन, डेढ़ घंटे बाद भी वापस नहीं लौटे तो उसे शंका हुई। दोनों के मोबाइल पर फोन किया तो बंद मिले। इसके बाद दोनों जिस सीट पर बैठते थे। उनकी दराज को चेक किया तो उसमें रखा 120 ग्राम व 54 ग्राम सोना गायब मिला।
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सोना चुराकर आगरा पहुंचा कारीगर
इधर, महालक्ष्मी मार्केट से आठ लाख का सोना चुराने के बाद बंगाली कारीगर मिराज सीकर से सीधा आगरा अपने भाई के पास पहुंचा था। पड़ौसी दुकानदार मोनू ने बताया कि मिराज यहां से रणजीत का सोना चुराकर अपने आगरा रहने वाले भाई के पास चला गया था। यहां से उसने एक डिब्बा लिया और चुराया हुआ सोना उसमें रखकर अपने घर चला गया था। पता लगने पर जब गांव के कुछ लोगों को आरोपी के घर भिजवाया गया तो अलमारी में रखा डिब्बा और उसके मोबाइल की सिम मिल गई। लेकिन, उसकी मां ने बताया कि मिराज सुबह ही घर से निकल गया था। सोना चुराने की घटना उसे पता नहीं है। इस पर पीडि़त रणजीत को मिराज के घर भेजा गया है। ताकि पुलिस की मदद से आरोपी को पकड़ा जा सके।
करतूत से पहले एडवांस
सोना चुराने वालों ने पहले दुकान मालिक को विश्वास में लेने के लिए रजाई व गद्दे खरीदने के लिए एडवांस रुपए मांगे। ताकि दुकान मालिक को उनके मंसूबों पर शक नहीं हो। इस पर दोनों कारीगरों को पांच-पांच हजार रुपए महेंद्र सोनी ने एडवांस भी दे दिए थे। दोनों आरोपी इतने शातिर हैं कि दुकान पर काम कर रहे छह मजदूर और मुनिम को इसकी भनक तक नहीं लगी कि दराज से इन्होंने सोना निकालकर कब जेब में रख लिया।
आरोपित सीसीटीवी में कैद
दोनों आरापियों की फुटेज सीसीटीवी में कैद हो गए हैं। जिनके आधार पर पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इधर घटना के बाद दोनों आरोपियों को पकडऩे के लिए दुकान के मजदूर और मालिक के लडक़ों ने भी उनको रेलवे स्टेशन और बस डिपो पर तलाश किया। लेकिन, दोनों को सुराग नहीं लगने पर खाली हाथ वापस लौट आए।
डेढ़ महीने पहले खाई ऐसे चोट
दुकान मालिक महेंद्र के अनुसार डेढ़ महीने पहले एक बंगाली कारीगर उसको एक लाख 90 हजार की चपत लगाकर फरार हो गया था। इससे सवा साल पहले पांच कारीगर उसके यहां से करीब 12 लाख रुपए की कीमत का सोना चुरा कर फरार हो गए थे। जिनको पुलिस आज तक नहीं खोज पाई है।





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