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मरु महोत्सव - 2019: दूसरा दिन रहा रेगिस्तानी जहाज के नाम,हैरत अंगेज... रोमांच और ...दीवानगी...

जैसलमेर. जग विख्यात मरु महोत्सव - 2019 के कार्यक्रमों की कड़ी में दूसरे दिन सोमवार को स्वर्णनगरी के पास स्थित डेडानसर मैदान में सीमा सुरक्षा बल के जवानों की प्रस्तुतियों ने देसी-विदेशी सैलानियों को रोमांचित सा कर दिया। बल बल के ऊंटों के हैरतअंगेज कारनामें दिखाकर दर्शकों को अचरज में डाल दिया तो ऊंट शृंगार, शान-ए-मरुधरा, पणिहारी दौड़, कबड्डी, रस्साकषी व कैमल पोलो, महिला एवं पुरुष दंगल जैसी प्रतियोगिताओं ने देसी-विदेशी मेहमानों को रोमांचित सा कर दिया।
पणिहारियां मटका रेस को देख खिले चेहरे
महोत्सव के दूसरे दिन पणिहारी मटका रेस प्रतियोगिता में देसी-विदेशी महिलाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने दस मीटर पर रखी ईढ़ाणी को अपने सिर पर रखकर उसके 10 मीटर फासले पर भरा हुआ पानी का मटका अपने सिर पर रखा और वहां से 30 मीटर दौडती हुई अपने निर्धारित स्थल पर पहुंची। प्रतियोगिता में 23 प्रतिभागी महिलाओं ने भाग लिया, जिसमें 12 विदेशी महिलाएं थी। जब महिलाओं ने अपने सिर पर घडा रखा तो कई तो सही ढंग से रख नहीं पाई, वहीं कई महिलाओं के घडे बीच में ही फूट गए इस दृश्य को देख सभी दर्शक हंसी से खिल उठे। प्रतियोगिता में जैसलमेर की पूजा चौधरी ने प्रथम, पेम्पी चौधरी ने द्वितीय एवं शबनम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
पुरुष- महिला दंगल का आयोजन
मरु-महोत्सव के पुरुष व महिला दंगल (कुश्ती) का आयोजन हुआ, जिसमें राजस्थान विश्व विद्यालय की राष्ट्रीय खिलाड़ी और खेलो इण्डिया टीम के खिलाडी ने भाग लिया। पुरूष दंगल में 50 कि.ग्रा. में राहुल एवं हिमांषु के बीच हुआ, जिसमें राहुल विजयी रहेे। महिला दंगल में सुमन कंवर पायल शर्मा के बीच हुआ, जिसमें पायल शर्मा विजयी रहीं वही हेवीवेट महिला दंगल में निषा व सुमन शर्मा का मुकाबला हुआ। निशा वियजी रहीं, वहीं इस बार पुरुष व महिला दोनों का एक साथ दंगल हुआ, जिसमें महिला पायल का मुकाबला प्रकाश रावत से हुआ, जिसमें पायल ने अपना दमखम का प्रदर्शन करते हुए विजयश्री हासिल की। इसी तरह हेवीवेट ने प्रकाश रावत व ख्यालीराम सैनी का मुकाबला हुआ, जिसमें ख्यालीराम विजयी हुए।
कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन
मरु-महोत्सव में इस बार भी प्राचीन एवं परंपरागत खेल कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। प्रतियोगिता एसबीके राजकीय महाविद्यालय जैसलमेर व राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सांकड़ा की टीमों के बीच हुई, जिसमें सांकड़ा की टीम ने प्रस्तुति दी। सांकड़ा की टीम विजेता रही और महाविद्यालय की टीम उप विजेता रही।
रस्सा-कशी में विदेशियों से हारे भारतीय
डेडानसर मैदान में आयोजित भारतीय एवं विदेशी पुरुषों तथा महिलाओं की रस्सा-कशी प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने उत्साह से भाग लिया, वहीं दर्शकों ने भी प्रतियोगिता का लुत्फ उठाया। सभी श्रेणी की प्रतियोगिताओं में 11-11 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। महिला वर्ग की रस्सा-कशी में लगातार दोनों ही राउण्ड में विदेशी टीम विजेता रही। यहीं नहीं महिला रस्सा-कशी में तो मरु-मेले में दसवीं बार विदेशी महिलाएं विजेता होती आ रही है। पुरुष रस्सा-कशी प्रतियोगिता में देशी एवं विदेशी टीमों ने दमखम दिखाया, लेकिन इस बार भी विदेशी टीम विजेता रही।

सज-धज कर आए ऊंट
मरु महोत्सव में ऊंट शृंगार प्रतियोगिता भी बहुत ही आकर्षण का केन्द्र रही। प्रतियोगिता में सजे धजे ऊंटों को देखकर पर्यटक उत्साहित हो उठे। प्रतियोगिता में नौ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। ऊंटों को मोरी, गोरबन्ध, कन्ठमाल, लूम, परची, पिलाण, तंग, मोड़, पायल, घूघरा, पूंछ बंधनी इत्यादि से शृंगारित किया गया। ऊंट शृंगार प्रतियोगिता के निर्णायकों ने शृंगारित ऊंटों को बारीकी से जांचा परखा, जिसमें चैनाराम का शृंगारित ऊंट प्रथम रहा। बीरबलसिंह का शृंगारित ऊंट द्वितीय तथा अणदाराम का शृंगारित ऊंट तृतीय स्थान पर रहा।
शान-ए-मरुधरा ने गुदगुदाया
ऊंटों की मंथर चाल की शान-ए-मरुधरा प्रतियोगिता में ऊंटों ने अपने करतब से दर्शकों को खासा रिझाया, जिसमें चार प्रतिभागियों ने भाग लिया। ऊंट सवार ने निर्धारित दूरी पर रखे जूते पहने अपना टेवटा बांधा तथा कुर्ता पहना एवं उसके बाद साफा बांध कर ऊंट पर गद्दी एवं पिलाणा जमा कर उसे तंग से बांध कर मंथर चाल से पहुंचा। यह नजारा मनोहारी व हास्यप्रद तथा दर्शकों को खूब हंसाया। प्रतियोगिता में दानसिंह सलखा ने बाजी मारकर प्रथम स्थान अर्जित किया। रमेशाराम काहला दूसरे स्थान तथा किशनाराम गोरेरा तीसरे स्थान पर रहे।
कैमल पोलो मैच में ऊंटों ने निभाया साथ
मेले में भारत पोलों संघ के तत्वावधान में पोलो का मैच कैमल पोलो एसोसिएशन ऑफ इंडिया और रॉयल डेजर्ट सफारी की टीम के बीच हुआ। प्रतियोगिता में रॉयल डेजर्ट सफारी की टीम 1-0 से वियजी रही।

हाथों में भाला, आंखों में ओज
डेडानसर मैदान मे सीमा सुरक्षा बल की ओर से प्रस्तुत ‘कैमल टैटू शो’ ने दर्शकों को चकित कर दिया। सीमा सुरक्षा बल के डिप्टी कमांडेंट कुलदीप चौधरी के नेतृत्व में उंटो पर सजे धजे सीमा प्रहरियों ने टैटू शो के दौरान सीमा चौकसी पर उपजने वाली परिस्थितियों को प्रदर्शित किया गया। प्रशिक्षित ऊंटो ने कैमल-माउंटेड बैण्ड की लोक गीतों की धुनों पर नृत्य भी पेश किया। बल के जवानों ने ऊंटों के साथ एक्रोबेट तथा पीटी का प्रदर्शन भी किया। सीमा प्रहरियों ने प्रशिक्षित ऊंटों पर सवार होकर क्रासिंग, त्रिकोणीय संरचना, शक्कर पारा संरचना, चक्रव्यूह, लहरिया, चौराहा और पीपल के पत्ते की संरचना बना कर दर्शकों को अचंभित सा कर दिया।

दैनिक उपयोग की वस्तुओं से निकाली धुनें
सीमा सुरक्षा बल की बीओपी आर्केस्ट्रा टीम के सहायक उप निरीक्षक रहमान खान एवं हैड कास्टेबल लतीफ खां व उनके साथियों ने बल के कैम्पों में पाई जाने वाली दैनिक उपयोग की वस्तुओं से बैण्ड की प्रस्तुति दी। उन्होंने ‘हम तो सीमा के प्रहरी है, फिदा इस पर हो जाएंगे’ गाना प्रस्तुत किया।

इनकी रही मौजूदगी
दूसरे दिन के कार्यक्रम में जिला प्रमुख अंजना मेघवाल, जिला कलक्टर नमित मेहता, पुलिस अधीक्षक डॉ. किरण कंग, सीमा सुरक्षा बल के उप महा निरीक्षक राकेश कुमार, अतिरिक्त जिला कलक्टर वीरेन्द्र कुमार वर्मा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामेश्वर मीणा के आतिथ्य में प्रशासनिक, सीमा सुरक्षा बल सहित हजारों की संख्या में देसी-विदेशी सैलानी मौजूद थे।



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