नई दिल्ली। फिनलैंड की कंपनी नोकिया ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत में अभी 5जी आने में समय लग सकता है। वहीं, नोकिया के सीईओ राजीव सुरी ने कहा कि अमरीका, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे डेवलप देशों और भारत व लैटिन अमरीका समेत इमर्जिंग देशों में 2021 तक 5जी टेक्नोलॉजी की शुरुआत हो जाएगी। नोकिया ने कहा कि 5G से एक गीगाबिट प्रति सेकंड की स्पीड मिलेगी जो 4G की तुलना में 25 गुना तेज है।
सीईओ ने दी जानकारी
आपको बता दें कि सुरी ने कहा कि इसके साथ ही कंपनियों के लिए सिक्योरिटी सबसे बड़ी प्राथमिकता हो जाएगी क्योंकि इस नेटवर्क के जरिए व्यापार की लाखों गोपनीय जानकारियों का आदान-प्रदान होने लगेगा। उन्होंने कुछ कंपनियों पर रोक लगाए जाने से 5G की शुरुआत में देरी और लागत में वृद्धि के बारे में पूछे जाने पर कहा कि साफ कहें तो फैक्ट इन दावों के पक्ष में नहीं हैं। आखिरकार 5G एक इकोसिस्टम है, किसी का कॉपीराइट नहीं।
Huawei पर कई देशों में लगी है रोक
ऐसे कयास लगाए जाते रहे हैं कि चीन की कंपनी Huawei पर कई देशों में रोक लगाए जाने से 5जी की शुरुआत में देरी हो रही है और इससे लागत बढ़ रही है। कई देशों ने चीन की कंपनी हुआवेई से सामानों की खरीद पर रोक लगा दी है। ऐसी खबरें रही हैं कि हुआवेई के पास किसी अन्य कंपनी की तुलना में 5जी से संबंधित अधिक पेटेंट हैं।
5G किसी एक कंपनी पर निर्भर नहीं
सुरी ने कहा कि कोई एक कंपनी यह तय नहीं कर सकती है कि 5जी का विकास कब और कैसे होगा। इसकी शुरुआत किसी एक कंपनी पर निर्भर नहीं है। यह मुझे बेहद अतार्किक लगता है कि नोकिया अमरीका की जरूरतों को पूरा कर सकती है, लेकिन यूरोपीय देशों की जरूरतों पर खरा नहीं उतर सकती है। नोकिया ने कहा कि 5जी से एक गीगाबिट प्रति सेकंड की स्पीड मिलेगी जो 4जी की तुलना में 25 गुना तेज है।
(ये न्यूज ऐंजेसी से ली गई है।)





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