गर्म कपड़ों का वितरण
करौली. सपोटरा क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल अमरवाड़ में २३० विद्यार्थियों को गर्म कपड़ों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामभरोसी मीना प्रधानाचर्य बाजना थे। प्रधानाचार्य दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि भामाशाह कंवर सिंह मीना काचरौदा व उनके भाई विजय सिंह मीना ने गणतंत्र दिवस पर आयोजित समारोह में गर्म कपड़े छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराने की घोषणा की। इसी के तहत गर्म कपड़ों का वितरण किया गया।
केएल, सीए। करौली। अमरवाड़ के स्कूल में गर्म कपड़ों का वितरण करते अतिथि
करौली जिले में २६ हजार किसानों के ७८ करोड़ रुपए माफ होंगे, ऋण माफी प्रमण पत्र जारी करना शुरू
करौली. जिले के २६ हजार किसानों के ७८.५८ करोड़ रुपए के ऋण माफी सरकार करेगी। इसके लिए ऋण ऋण माफी प्रमाण पत्र वितरण करने का काम शुरू हो गया है। राज्य में कांग्रेस की सरकार ने दो लाख रुपए तक ऋण को माफ करने के आदेश जारी किए हैं। जिसमें सवाईमाधोपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक ने २६ हजार किसानों को इसके लिए पात्र माना गया गया है। ये सभी किसान अल्पकालीन, सीमांत, लघु है। जिन्हें योजना का लाभ मिलेगा। बैंक के प्रबंध निदेशक ओपी जैन ने बताया कि २६ हजार किसानों को ऋण माफी के प्रमाण पत्र जारी करने की कवायद शुरू कर दी गई है। प्रमाण पत्र मिलने के बाद किसानों ऋण मुक्त हो जाएंगे। इस प्रकार के किसानों को फिर से ऋण के लिए योग्य मान लिया जाएगा।
इतने ही किसानों को पहले की सरकार माफ कर चुकी है
कांग्रेस की राज्य सरकार से पहले भाजपा सरकार ने ३० अगस्त २०१७ तक ५० हजार तक का ऋण माफ किया था। इस ऋण माफी में भी लगभग २६ हजार ४४५ किसानों को ऋण माफ हुआ था। इस बार भी नई सरकार ने केन्द्रीय सहकारी बैंक के २६ हजार किसानों को कर्ज मुक्त घोषित किया है। जिसमें वे किसान भी शामिल है, जिन्होंने भाजपा सरकार से ऋण माफी योजना का लाभ लिया तथा अब नई सरकार की ऋण माफी योजना का लाभ भी उठा सकेंगे।
भाजपा का जेल भरो आन्दोलन आज
ऋण माफी योजना को किसानों के साथ धोखा बताकर भाजपा शुक्रवार को जेल भरो आन्दोलन करेगी। जिलाध्यक्ष हेमेन्द्र वशिष्ठ ने बताया कि दो हजार से अधिक किसान व भाजपा कार्यकर्ता करौली कलक्ट्रेट के सामने एकत्र होंगे होंगे, जहां पर राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विरोध में प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद कार्यकर्ता तथा किसान गिरफ्तारी देंगे।
सरसों में लगा चेपा रोग
-कृषि अधिकारियों ने किया निरीक्षण
गुढ़ाचन्द्रजी. मौसम के रुख बदलने से अब सरसों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है। बारिश और बादलों के कारण सरसों चेपा रोग की चपेट में है। जिससे किसान चिंतित है। भीलापाड़ा के रामदयाल मीना, संजय मीना, रूपसिंह, लोहड़े ने बताया कि अधिकांश खेतों में सरसों पक चुकी है।इसके अलावा पछैती बोई गई फसल में फूल गिरने के बाद फलियां बनने लगी हैं। जिसमें चेंपा रोग नजर आने लगा है। खेत के अंतिम छोर स्थित सरसों के पौधों पर चेंपा रोग ने डेरा जमाना शुरू कर दिया है। गत दो-तीन दिन से बादलों के छाने से फसल रोग की चपेट में है।किसानों ने कृषि विभाग से फसल को रोग से बचाने की गुहार की है।
कृषि अधिकारियों के साथ वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण
भीलापाड़ा गांव सहित बालाखेड़ा, तिमावा, घाटौली आदि गांवों में सरसों की फसल में लग रहे चेंपा रोग का कृषि अधिकारियों ने निरीक्षण कर बचाव उपाय बताए।
कृषि पर्यवेक्षक कैलाश चंद्रवाल के साथ कृषि एवं विज्ञान केन्द्र एकोरोसी के पादप रोग के वैज्ञानिक डॉ.रूपसिंह गुर्जर, वैज्ञानिक प्रसार डॉ.रामकेश मीना, वैज्ञानिक डॉ.एस.एल.कस्वाह ने किसानों को बताया कि चेंपा सरसों की फसल में टहनियों के साथ फूलों व फलियों में लगता है। इससे फलियों में दाना नहीं पड़ता है।
उन्होंने बताया कि सरसों रोग से बचाव के लिए किसानों को इमिडाक्लोपिड़ व रोगोर दवा का छीड़काव करना चाहिए। साथ ही ऐसीफेट पाउडर का भुरकाव करना चाहिए।





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