अलवर. नगर परिषद की ओर से करीब डेढ़ साल पहले जब्त की गई 11 क्विंटल पॉलीथिन कोर्ट के आदेश पर शनिवार को वापस करनी पड़ी। जिसकी कीमत करीब पौने दो लाख रुपए है। नगर परिषद की टीम ने 27 जून 2017 को लादिया मोहल्ला कचहरी रोड पर अनिल कुमार शर्मा की दुकान से 11 क्विंटल पॉलीथिन जब्त की थी। जिनके पास लिमिटेड कम्पनी की डीलरशिप है। जब्त की गई पॉलीथिन प्रतिबंधित श्रेणी की नहीं है। जिसके कारण मामला न्यायालय में गया। अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या दो शैली परवाल ने मामले की सुनवाई की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला दिया कि अभियुक्त पर कोई कार्रवाई नहीं बनती है।
इस आधार पर पॉलीथिन वापस की
नगर परिषद ने राजस्थान नगर पालिका अधिनियम की धारा 228 (क) एवं 2009 की धारा 25 व राजस्थान सरकार की ओर से जारी अधिसूचना 21 जुलाई 2010 के अनुसार पॉलीथिन का उपयोग प्रतिबंधित एवं दण्डनीय अपराध है। आखिरी तर्क पेश किया गया कि उक्त पॉलीथिन नियमों के उल्लंघन में काम ली जा रही है। अत: अभियुक्त पर चार्ज लगाया जाए। जिसके जवाब में अभियुक्त के अधिवक्ता ने जवाब दिया कि जब्ती व निरीक्षण टिप्पणी पर अभियुक्त के हस्ताक्षर नहीं है। नेशनल टॉक्सीकॉलोजी की रिपोर्ट के अनुसार उक्त जब्तशुदा पॉलीथिन खाने की सामग्री की पैकेजिंग में काम आती है। जो नियमों के अनुरूप है। इस संदर्भ में पर्यावरण विभाग की ओर से जारी अधिसूचना का अवलोकन करने पर जाहिर होता प्लास्टिक कैरी बैग्स जो खाद्य सामग्री, दूध और नर्सरी में पौधों की पैकेजिंग के लिए प्रयुक्त आधार हैं। वे कैरी बैग की श्रेणी में नहीं आते हैं। जब्तशुदा पॉलीथिन खाने की सामग्री की पैकेजिंग के प्रयोग आती है। ऑक्सो बायोडिग्रीडेबल कैरी बैग भारत सरकार की ओर से जारी गुणवत्ता मानक की पालना में निर्मित है तो विधि अनुसार उनका प्रयोग किया जा सकता है। जब्तशुदा कैरी बैग आक्सो बायोडिग्रीडेबल की श्रेणी में आता है। जिसके कारण अभियुक्त के विरुद्ध अपराध प्रथम दृष्टया बनना नहीं पाया जाता है। इस आदेश के बाद पॉलीथिन वापस कर दी है।





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