जैसलमेर/पोकरण.
सरहदी जैसलमेर जिले में स्वाइन फ्लू के अब तक 34 मामले सामने आए हैं। जिनमें से 7 मरीजों की मौत हो गई है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है। चिकित्सा विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कार्य किया जा रहा है व मरीजों के परिजनों व पड़ोसियों की जांच की जा रही है साथ ही टेमीफ्लू की गोलियां वितरित की जा रही हैं।
स्वाइन फ्लू से पोकरण क्षेत्र में लगातार तीसरी मौत के बाद ग्रामीणों में भय व दहशत का माहौल हो गया है। गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू से थेबों की ढाणी में दो बच्चों की मौत के बाद राजमथाई की पूर्व सरपंच अप्पीदेवी की बुधवार की शाम मौत हो गई। क्षेत्र में तीसरी मौत के बाद रोग को लेकर ग्रामीणों में भय व्याप्त है। लगातार बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के प्रकोप के बावजूद चिकित्सा विभाग की ओर से रोग की रोकथाम को लेकर पुख्ता प्रबंध नहीं किए जा रहे हैं। पूर्व सरपंच अप्पीदेवी की मौत की सूचना पर राजमथाई गांव में गुरुवार को चिकित्सा विभाग की टीम पहुंची। जिसने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच कर स्लाइड ली तथा 17 जनों को खांसी, जुकाम व बुखार होने पर टेमीफ्लू की दवा दी गई। सर्दी बढऩे के साथ फलसूंड क्षेत्र में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सावधानी जरूर
स्वाइन फ्लू रोग नमी के कारण ज्यादा फैलता है। व्यक्ति को खांसी और जुकाम होने पर तत्काल चिकित्सकों से उपचार करवाना चाहिए। इसके अलावा भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में मास्क लगाने, खांसी या छींक आने पर मुंह पर रुमाल रखने, स्वाइन फ्लू प्रभावित क्षेत्र में जाने पर मास्क लगाने की भी सलाह दी जाती है।
- डॉ. मोहम्मद याकूब, सेवानिवृत्त वरिष्ठ चिकित्साधिकारी, पोकरण।





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