नर्इ दिल्ली। पांच लाख रुपए सालाना आय वाले लोगों को टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया है। अप्रैल से मुमकिन है कि इस पर अमल होना शुरू हो जाएगा। अब सिरर्ददी उन लोगों के लिए है जिनकी इनकम 5 लाख रुपए से एक रुपया भी ज्यादा है। 5 से 8 लाख रुपए सलाना कमाने वाले लोग भी टैक्स के दायरे से बाहर जा सकते हैं। इसके लिए उन लोगों को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। अगर उन बातों का ध्यान रखते हैं तो एेसे लोग भी टैक्स के दायरे से बाहर चले जाएंगे। आइए आपको भी बताते हैं कि 8 लाख रुपए सालाना कमाने लोग टैक्स के दायरे कैसे बाहर जा सकते हैं।
पहले करनी होगी स्टैंडर्ड डिडेक्शन की मांग
अगर आपको टैक्स फ्री के दायरे से बाहर जाना है तो सबसे पहले आपको अपनी ग्राॅस इनकम को सिलसिलेवार तरीके से कम करना होगा। इसके लिए सबसे आपको वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 50,000 रुपए के स्टैंडर्ड डिडक्शन का क्लेम करना होगा। चालू वित्त वर्ष में यह 40 हजार रुपए है। जिसे अंतरिम बजट 2019 में बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया गया है। 50 हजार रुपए कम होने के बाद आपकी ग्राॅस टैक्सेबल इनकम 8 लाख रुपए से 7.5 लाख रुपए हो जाएगी।
फिर उठाएं सेक्शन 80सी का फायदा
उसके बाद आपको करीब डेढ़ लाख रुपए टैक्सेबल इमकम को कम करने का एक आैर मौका मिलता है। इसके लिए आपको इनकम टैक्स एक्ट सेक्शन 80सी का ज्ञान होना जरूरी है। जिसके तहत आप 1.5 लाख रुपए का निवेश पीपीएफ, ईपीएफ जैसे सेविंग्स को दिखा सकते हैं। इसके अलावा बच्चों के ट्यूशन फीस के भुगतान पर भी आप कुल 1.5 लाख रुपए के डिडक्शन का फायदा ले सकते हैं। इस डिडक्शन के बाद आपकी ग्राॅस इनकम 6 लाख रुपए हो जाएगी।
सेक्शन 80सीसीडी (1बी) से मिलता है 75 हजार रुपए का फायदा
अब आपको अपनी ग्राॅस से एक लाख रुपए आैर कम करते हैं। इसके लिए आप आप सेक्शन 80सीसीडी (1बी) का फायदा ले सकते हैं। इस सेक्शन के तहत नेशनल पेंशन स्कीम में 75 हजार रुपए की रकम निवेश कर सकते हैं। जिससे आपकी ग्राॅस टैक्सेबल इनकम घटकर 5.25 लाख रुपए रह जाएगी।
परिवार का करा लें मेडिकल इंश्योरेंस
वहीं आखिरी के 25 हजार रुपए को कम करने के लिए आप 25 हजार रुपए सालाना प्रीमीयम का एक मेडिकल इंश्यारेंस करा लें। जिसके बाद आप सेक्शन 80डी के माध्यम से 25 हजार रुपए के डिडक्शन की मांग कर सकते हैं। जिसके बाद आपकी ग्रास इनकम घटकर 5 लाख रुपए रह जाएगी। जो कि टैक्स फ्री है।





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