धौलपुर।
धौलपुर के आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 34 पर रविवार को हाईवे जाम के दौरान हुए पथराव, उपद्रव और आगज़नी की घटना के बाद पुलिस एक्शन मोड पर आ गई है। पथराव, हाइवे जाम की घटना को लेकर पुलिस ने 50 लोगों को नामजद किया है। साथ ही करीब 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कोतवाली थाने पर मामला दर्ज कर लिया है।
कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि थाने के एसआई रामनरेश की ओर से मामला दर्ज कराया गया है। इसमें पचास जनों की पहचान के बाद चिन्हित कर लिया गया है। इसके अलावा दर्ज मामले में पुलिस पर जानलेवा हमला करने, राजकाज में बाधा पहुंचाने, हाइवे पर जाम लगाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान, नेशनल हाइवे की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए है। इसी प्रकार मौरोली मोड़ अस्थायी पुलिस चौकी पर पथराव तथा जलाने के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है।
उपद्रव के बाद आंदोलनकारियों ने गुर्जर बाहुल्य इलाके में स्थित मौरोली मोड़ की अस्थायी पुलिस चौकी पर पथराव कर दिया। साथ ही आगजनी का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया और करीब आधा दर्जन लोगों को हिरासत में लिया है।
गुर्जर आंदोलन हिंसक, फूंके पुलिस वाहन
गौरतलब है कि गुर्जर आंदोलन भड़कने के साथ ही प्रदेश के कई जिलों में फैलने लगा है। सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर से शुरू हुए इस आंदोलन के शांतिपूर्ण होने के दावे रविवार को धौलपुर में हुई हिंसा से खोखले साबित हो गए। धौलपुर के आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 34 पर जाम लगाकर बैठे आंदोलनकारियों ने पुलिस की बस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की कार और थाने की जीप को आग के हवाले कर दिया और हाईवे पर खड़े ट्रकों और बसों के शीशे फोड़ दिए।
इस पर जब पुलिस ने हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की तो पुलिस पर पथराव कर दिया, जिससे आधा दर्जन पुलिस व कोबरा टीम के सदस्य घायल हो गए। आंदोलनकारियों ने हवाई फायर भी किए। आरोप है कि पुलिस ने भी हवाई फायर किए। हालांकि डीजी कानून-व्यवस्था ने पुलिस के हवाई फायर करने की बात सिरे से नकार दी है। आधे घंटे तक पुलिस और आंदोलनकारी 500 मीटर की दूरी पर आमने-सामने डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने अश्रु गैस के गोले छोड़े। इससे पूर्व जाम के चलते ग्वालियर से आने वाले वाहनों को मध्यप्रदेश की सीमा पर ही रोक दिया गया था।
सरकार की ओर से वार्ता नहीं-
उधर, पड़ाव स्थल सवाईमाधोपुर के मलारना डूंगर में गुर्जरों का पड़ाव तीसरे दिन भी बदस्तूर जारी रहा। सरकार की ओर से शाम तक आंदोलनकारियों से कोई वार्ता नहीं की गई, जबकि मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने रविवार दोपहर फिर वार्ता करने की बात शनिवार को कही थी।
... इधर, बैंसला के आवास पर नोटिस चस्पा
गुर्जर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे किरोड़ी सिंह बैंसला के हिंडौन सिटी स्थित आवास पर सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने संबंधी नोटिस चस्पा किया गया। करौली कलेक्टर की ओर से 2007 के हाईकोर्ट के आदेश की प्रतिलिपि चस्पा की गई है। इस आदेश में रेलवे ट्रैक और सड़क मार्ग को रोक आमलोगों के मौलिक, संवैधानिक और विधिक अधिकारों का हनन नहीं करने का उल्लेख है।





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