जयपुर/कोटा. भाजपा की सरकार के आखिरी छह महीनों के फैसलों को लेकर मंत्रिमंडलीय समिति की दूसरी बैठक शुक्रवार को सचिवालय में हुई। इस दौरान कैबिनेट के फैसलों की सिर्फ जानकारी रखी गई। इस पर समिति ने नाराजगी जताई और सरकार के सभी विभाग, संस्थाओं के फैसलों को फाइल समेत लाने के निर्देश दिए। दूसरी बैठक के बावजूद सिर्फ फैसलों की सूची आने पर समिति संयोजक स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने अफसरों द्वारा इनके छिपाने की आशंका भी जताई।
चोरी करने का अनूठा अंदाज...सरहद पार करने से भी नहीं किया गुरेज, ऐसे खुली पोल...
पिछली सरकार के फैसलों पर कांग्रेस की सरकार बारीकी से परीक्षण करने जा रही है। यही वजह है कि मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में फैसलों की सिर्फ सूचनाएं लाने पर नाराजगी जताई गई। स्वायत्त शासन मंत्री धारीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऊर्जा मंत्री बी.डी.कल्ला और खाद्य एवं आर्पूित मंत्री रमेश मीणा मौजूद रहे। बैठक के बाद धारीवाल ने बताया कि बैठक में कैबिनेट के आखिरी छह महीने के फैसलों की सूचनाएं रखी गई। जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने छह महीने के दौरान कैबिनेट के अलावा सभी विभागों और संस्थाओं के फैसलों की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को ऐसे सभी फैसलों की फाइलें समिति के समक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आशंका जताई कि हो सकता है कि कुछ ऐसे फैसले हो गए हों, अफसर अब उसको छिपा रहे हैं। पुष्टि हो गई तो संबंधित अफसरों पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि हाल ही में अपने गृह नगर कोटा दौरे पर आए धारीवाल ने पूर्व सरकार के कुछ फैसलों को गैरजरूरी बताकर उन्हें रिव्यू करने की बात कही थी।
अगली बैठक में उद्योग और शिक्षा धारीवाल ने कहा कि हर बैठक में दो-दो विभागों के निर्णयों की समीक्षा की जाएगी। अगली बैठक फरवरी में होगी, जिसमें उद्योग और शिक्षा विभाग में किए गए अंतिम छह महीने के निर्णयों को रखा जाएगा।
कर्जमाफी की रिपोर्ट सीएम को सौंपी
किसान कर्ज माफी को लेकर सात मंत्रियों की कमेटी ने रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। समिति के संयोजक धारीवाल ने बताया कि कर्ज माफी की रिपोर्ट पर फैसला अब मुख्यमंत्री स्तर पर होगा।





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