धौलपुर।
पुलवामा हमले में धौलपुर जिले के जैतपुर के लाल के शहीद होने के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। शहीद के घर से रह-रहकर चीत्कारें उठ रही हैं। हमले में शहीद हुए भागीरथ दो दिन पूर्व ही पिता से वादा करके गया था कि वह जल्द ही लौटकर आएगा। शहीद भागीरथ सिंह राजाखेड़ा के दिहौली थानान्तर्गत जैतपुरा गांव का निवासी है। शहीद के पिता का नाम परसराम है। वह छह वर्ष पूर्व सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन में भर्ती हुआ था। चार वर्ष पूर्व ही शहीद का विवाह हुआ था। उनके अभी तीन वर्ष का बेटा विनय तथा डेढ़ वर्ष की पुत्री शिवांगी है।
भागीरथ सिंह के शहीद होने की खबर मिलते ही हर ग्रामीण की आंखें नम है। ग्रामीणों को विश्वास नहीं हो रहा कि गांव को जो लाडला दो दिन पहले ही सभी से आशीर्वाद लेकर देश की सेवा के लिए ड्यूटी पर गया था वह अब कभी लौटकर नहीं आएगा। भागीरथ सिंह दो दिन पहले ही छुट्टियां बिताकर गांव से वापस ड्यूटी पर गया था। जाते समय अपने पिता को कहकर गया था कि वह जल्दी ही लौटकर आएगा।
चार साल पहले हुई थी शादी
चार वर्ष पूर्व भागीरथ सिंह की शादी उत्तरप्रदेश के पिनाहट ब्लॉक के गांव मल्लपुरा निवासी रंजना देवी के साथ हुई थी। भागीरथ के तीन वर्ष का एक बेटा और एक वर्ष की एक बेटी है। दोनों मासूम इस बात से अनजान है कि अब उनके पिता कभी लौटकर नहीं आएंगे। शहीद भागीरथ का छोटा भाई बलबीर उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात है।





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