प्रतापगढ़। एनएच 113 पर हुए हादसे में 9 लोगों की मौत के बाद गाड़िया लोहार परिवार के 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक शादी समारोह में सम्मिलित होने आए चोमेला गांव के वृद्ध को उसके परिजन पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को अपने साथ गांव ले गए। वहीं गाड़िया लोहार समाज के बचे 6 लोगों का अंतिम संस्कार गमगीन माहौल में दोपहर 2:00 बजे एक साथ अर्थियों पर किया गया। पोस्टमार्टम के बाद जब मृत व्यक्तियों की देह रामदेवजी गांव के शमशान में वाहनों से सीधे लेकर आए तो गाड़िया लोहार समाज की महिलाएं बड़ी तादाद में रोते बिलखते रुदन कर रही थीं। वे श्मशान घाट पहुंच गई, वहीं मृतक के परिजन भी वहां अपने लाल का मुखड़ा देखने के लिए चीत्कार करते रहे। लेकिन मौजूद लोग बालक के माता-पिता व परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। साथ ही वे पशोपेश में भी रहे कि बेदर्दी से कुचले हुए शवों और चेहरों को किस प्रकार से उनके परिजनों को दिखाएं। रोते बिलखते माता पिता को अर्थियों से दूर रखा गया। इस बीच महिलाएं चीत्कार करती रहीं। अपने से दूर हुए लाल को देखने के लिए तरसती रहीं। वहीं ईश्वर का अंतिम संस्कार भी कुछ ही दूरी पर एनएच के समीप किया गया। 15 वर्षीय अर्जुन पुत्र रमेश नायक का अंतिम संस्कार रामदेव जी मंदिर के पीछे स्थित खेत पर किया गया।





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