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मुकुन्दरा में टी-98 का नहीं कोई दायरा

कोटा. मुकुन्दराहिल्स टाइगर रिजर्व में विचरण कर रहे बाघ टी-98 को मुकुन्दरा हिल्स के दरा क्षेत्र में आशियाना मिल गया है। वह अब कहीं नहीं जाएगा। उसका अन्यत्र कहीं आशियाना नहीं बनाया जाएगा। एनटीसीए व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रतिनिधियों के मुकुन्दराहिल्स के दौरे के बाद विभाग के अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। रणथंभौर के जंगलों से निकलकर सुल्तानपुर के जंगलों से होते हुए बाघ टी-98 गत दिनों अपने आप मुकुन्दरा हिल्स के जंगलों में आ गया था। यह गागरोन रेंज से प्रवेश कर करीब 10-12 दिनों से दरा अभयारण्य क्षेत्र में विचरण कर रहा है। अभी तक यह तय नहीं हो पाया था कि इस बाघ को टाइगर रिजर्व के किस क्षेत्र में रखना है। विशेषज्ञों के दो दिन के टाइगर रिजर्व के दौरे के बाद अब तय हो गया है कि इस बाघ को यह जिस क्षेत्र में विचरण कर रहा है उसी क्षेत्र में रहने दिया जाए। आईडी कॉलर लगाकर क्षेत्र में ही छोड़ दिया जाए।
बनाई गई थी कमेटी
टाइगर रिजर्व में बाघ के आवास को लेकर स्थानीय स्तर पर गाइडेंस कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी ने बाघ को रखने के मामले में कुछ सुझाव दिए थे। इनमें बाघ को आईडी कॉलर बांध कर यहीं रहने दिया जाए जहां विचरण कर रहा है, दूसरा सेल्जर क्षेत्र में बने एनक्लोजर में शिफ्ट किया जाए तथा तीसरा 82 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में छोड़ा जाए समेत कुछ प्रस्ताव व सुझाव दिए थे। इन प्रस्तावों पर एनटीसीए व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रतिनिधियों ने निर्णय किया।
देखा मुकुन्दरा हिल्स
इससे पहले एनटीसीए के प्रतिनिधि के रूप में कोटा आए अयान साधु व डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के प्रतिनिधि अभिषेक भटनागर ने टाइगर रिजर्व के उपवन संरक्षक टी मोहन राज, वन्यजीव विभाग के उपवन संरक्षक सुनील चिद्री, वन्यजीव विभाग के मुख्य वन संरक्षक व फील्ड डायरेक्टर घनश्याम शर्मा के साथ टाइगर रिजर्व के अमजार, किशोरपुरा, रेलवे ट्रेक, घाटी गांव, कूकड़ा समेत अन्य क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने 28 हैक्टेयर का एनक्लॉजर भी देखा।
दिया मुआवजा
इस मौके घाटी गांव के एक पशुपालक को 4 हजार रुपए की मुआवजा राशि भी दी गई। फील्ड डायरेक्टर शर्मा ने बताया कि बाघ ने 17 फरवरी को गांव में एक बछड़े का शिकार किया था। इसकी क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजा दिया गया।
देखे पगमार्क
मोड़क. मुकुन्दरा हिल्स टाइगर रिजर्व में स्वच्छन्द विचरण कर रहे बाघ से अभयारण्य के समीप के गांवों में दहशत है। बुधवार को कुकड़ा पंचायत के मानपुरा गांव में एक खेत में वन्यजीव के पगमार्क दिखाई देने के बाद ग्रामीणों का भय और बढ़ गया। मानपुरा निवासी जितेन्द्र राठौड़ ने बताया कि बुधवार सवेरे जब वह खेत पर गया तो वहां वन्यजीव के पगमार्क नजर आए, जो सामान्य से काफी बड़े थे। टाइगर आने की आशंका पर वह वापस घर लौट आया। हालांकि पगमार्क टाइगर के होने की पुष्टि नहीं हुई है।



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