अजमेर.
प्रदेश में सियासी बदलाव हो चुका है। लेकिन शैक्षिक संस्थाओं के प्रबंध मंडल-बोर्ड अथवा विकास समितियों में भाजपाई ही सदस्य बने हुए हैं। कई संस्थाओं की वेबसाइट पर इनके नाम दर्ज हैं। सरकार ने भी नए सदस्यों की नियुक्तियां नहीं की है।
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में शैक्षिक, प्रशासनिक फैसले प्रबंध मंडल (बॉम) में लिए जाते हैं। कुलपति इसके अध्यक्ष होते हैं। जबकि दो विधायक, सरकार और राजभवन के प्रतिनिधि, विश्वविद्यालय के दो प्रोफेसर, वित्त, योजना और उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव इसके सदस्य होते हैं। मौजूदा वक्त बॉम में ब्यावर विधायक शंकरसिंह रावत और मसूदा की पूर्व विधायक सुशील कंवर पलाड़ा ही बतौर सदस्य बने हुए हैं। जबकि कांग्रेस सरकार को इसमें नए विधायकों की नियुक्ति करनी है।
इंजीनियरिंग कॉलेज के हाल
महिला और बॉयज इंजीनियरिंग कॉलेज स्वायत्तशासी समितियों के अधीन संचालित हैं। इनके प्रशासनिक, वित्तीय और अन्य मुद्दे समान बोर्ड ऑफ गवर्नस में तय होते हैं। नियमानुासर बोर्ड ऑफ गवर्नस में एक अध्यक्ष एवं दस सदस्य होते हैं। जिनमें शिक्षक, औद्योगिक जगत के प्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। दोनों कॉलेज की संयुक्त बोर्ड ऑफ गवर्नस के मौजूदा अध्यक्ष डॉ. रवि जूनिवाल हैं। इसमें के. एन. अग्रवाल, प्रो. सुधीर चौधरी सदस्य हैं। जबकि डॉ.देवेंद्र चौधरी, प्रशांत कृपलानी प्राचार्य द्वारा नामित सदस्य, प्रो. अनिल माथुर आरटीयू कोटा द्वारा द्वारा नामित सदस्य हैं। पूर्व शहर भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद यादव भी इसके सदस्य हैं। इसमें अधिकांश सदस्यों का दो साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है।





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