बूंदी. नैनवां उपखंड के कीरों का झोंपड़ा के निकट हाइवे पर सोमवार रात करीब नौ बजे राज्यमंत्री अशोक चांदना ने बिजली निगम के अधिशासी अभियंता (डी-वन) जे.पी. मीणा के साथ मारपीट करने और गाली गलौज करने का मामला सामने आया है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब निगम कर्मचारियों ने मंगलवार को अधिशासी अभियंता के साथ पहुंचकर बूंदी जिला कलक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन किया। निगम कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र कलक्टर को पत्र सौंपा है। इससे पहले नैनवां थाना पुलिस को राज्यमंत्री चांदना के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की रिपोर्ट सौंपी।
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पीडि़त और पुलिस को सौंपी रिपोर्ट के अनुसार, अधीक्षण अभियंता गजेंद्र सिंह बैरवा, अधिशासी अभियंता जे.पी. मीणा एवं सहायक अभियंता बिसम्बर सहाय व राजेन्द्र सिंह हाइवे पर कीरों का झोंपड़ा के निकट सोमवार रात राज्यमंत्री अशोक चांदना का इंतजार कर रहे थे। चांदना करीब नौ बजे वहां पहुंचे। उन्होंने आते ही पूछा कि एसई व एक्सईएन कौन है? जैसे ही परिचय दिया, उन्होंने अधिशासी अभियंता मीणा के साथ अभद्रता शुरू कर दी और उनकी गिरेबान पकड़ थप्पड़ जड़ दिया। अधिशासी अभियंता ने बताया कि अन्य अभियंता बीच बचाव नहीं करते तो चांदना उन्हें जान से मार देते। इसके बाद राज्यमंत्री वहां से चले गए।
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बहाल क्यों किया कर्मचारी?
विद्युत निगम के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि निगम के एक कर्मचारी को बहाल करने से मंत्री चांदना नाराज थे। उन्होंने हिण्डोली जनसुनवाई में मौखिक रूप से काछोला फीडर इंचार्ज मुकेश को निलंबित करने के लिए कहा था। मंत्री के कहे अनुसार उसे तत्काल कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया था। नियमानुसार मामले की जांच करके कुछ दिन बाद उसे दूसरी जगह लगा दिया। चांदना का कहना था 'मेरे से पूछे बिना दूसरी जगह क्यों लगायाÓ। इसी बात को लेकर मंत्री चांदना नाराज हो गए।





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