रक्तिम तिवारी/अजमेर.
दर-दर भीख मांगकर गुजारा करने वाली देवकी का एक काम सबको प्रेरणा दे सकता है। उसको भीख में मिले लाखों रुपए पुलवामा शहीदों के नाम जमा कराए गए हैं। उसने यह राशि मरणोपरांत किसी नेक काम में लगाने की सलाह दी थी। महिला की यह इच्छा बुधवार को दो व्यक्तियों ने पूरी की। उन्होंने कलक्टर विश्व मोहन शर्मा को 6.61 लाख राशि का ड्राफ्ट सौंपा।
वृद्धा देवकी शर्मा लंबे समय से बजगंगढ़ स्थित जय अम्बे माता मंदिर के आसपास भीख मांगकर गुजारा करती थी। उसको भिक्षा में रुपए-पैसे मिलते थे। बजरंगगढ़ के आसपास रहने वाले नशेड़ी और भिखारी उसकी राशि छीन लेते थे। उसने जय अम्बे माता मंदिर समिति के सचिव संदीप गौड़, अंकुर अग्रवाल और कुछ लोगों से संपर्क कर बैंक में खाता खुलवाने का आग्रह किया। इस पर गौड़ और उनके साथियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खुलवाया। वह नियमित रूप से उसके खाते में राशि जमा कराते रहे। यह राशि बढ़ते-बढ़ते 6.61 लाख, 600 रुपए हो गई।
किसी नेक काम में लगाना राशि....
संदीप गौड़ ने बताया कि वृद्धा देवकी सदैव बैंक में जमा राशि को किसी नेक काम में लगाने को कहती थी। बीते साल उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु के बाद छह-सात महीने से बैंक खाते में उसकी पूंजी जमा थी। पुलवामा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों पर हुए आतंकी हमले के बाद उन्हें वृद्धा की अंतिम इच्छा पूरी करने का संकल्प लिया।
कलक्टर को सौंपा ड्राफ्ट
संदीप और अंकित बुधवार को 6.61 लाख रुपए का ड्राफ्ट बनाकर कलक्टर विश्वमोहन शर्मा के पास ले गए। शर्मा ने उन्हें पुलवामा शहीदों के लिए निर्धारित बैंक खाते में राशि जमा कराने को कहा। इस पर दोनों ने ड्राफ्ट संबंधित बैंक खाते में जमा कराया। संदीप गौड़ और अंकुर अग्रवाल ने बताया कि वृद्धा की अंतिम इच्छानुसार उन्होंने नेक काम के लिए राशि जमा कराई है। यह वास्तव में शहरवासियों और देशवासियों के लिए एक प्रेरणास्प्रद उदाहरण है।





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