कोटा. आम बजट में रामगंजमंडी-भोपाल रेल परियोजना के लिए 350 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, इससे योजना को गति मिलना तय है। रेल परियोजना की सुस्त रफ्तार को लेकर कई बार सवाल उठे है लेकिन इसके पीछे एक मजेदार किस्सा भी जुड़ा हुआ है। पिछले वर्ष हुए चुनावों में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसका जिक्र किया था। उन्होंने एक सभा में इस परियोजना का जिक्र करते हुए कहा था कि जब मैं केंद्र की राजनीति में सक्रिय थी और मेरे भाई माधवराव ङ्क्षसधिया मंत्री हुआ करते थे तब वे मुझसे कहते थे कि ये परियोजना दूर की कौड़ी है। तब मैंने उनसे कहा था कि एक दिन मेरी बात सही साबित होगी। आज ये सपना साकार हो रहा है। मौजूदा समय में परियोजना पर काम जारी है
262 किमी लम्बी रेल परियोजना की लागत 1215 करोड़ 90 लाख रुपए प्रस्तावित है। कोटा-बीना रेल लाइन के दोहरीकरण के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए 240 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।पूर्व में स्वीकृत दोहरीकरण एवं तिहरीकरण के कार्यों के लिए 1088 करोड़ रुपए एवं नई लाइन जैसे ललितपुर-सिंगरौली के लिए 325 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। दोहरीकरण में कटनी-सिंगरौली रेल लाइन के लिए 300 करोड़, कटनी-बीना तिहरीकरण में 180 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के कारण दोहरीकरण एवं तिहरीकरण का कार्य 2019-20 में तेज गति से किया जा सकेगा।
पुरानी पटरी बदलेंगे
पश्चिम मध्य रेलवे में ट्रेक की सुरक्षा के लिए पुरानी पटरियों के नवीनीकरण पर 522 करोड़ रुपए, रोड ओवरब्रिज एवं अण्डर पास के लिए 250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अंतरिम बजट 2019-20 के दौरान पश्चिम मध्य रेलवे के लिए कुल 3158 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
यात्री सुविधाओं पर 178 करोड़ खर्च
यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए 178 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। पश्चिम मध्य रेलवे में फ ुट ओवरब्रिज के लिए 85 करोड़, स्टेशन पर लिफ्ट लगाने के लिए 5 करोड़ रुपए स्टेशनों में यात्रियों से संबंधित सुधार के लिए 40 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।





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