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एक साल से बंद है शहर की तीसरी आंख, शहर की सुरक्षा पर खतरा

चूरू.

अपराधियों पर नजर रखने के लिए शहरों की सुरक्षा हाइटेक की जा रही है। शहरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं लेकिन चूरू शहर में लगे कैमरे भी पुलिस विभाग की अनदेखी के कारण बंद हो गए। करीब डेढ़ साल पहले सांसद कोटे से लगे 25 सीसीटीवी कैमरे एक साल से बंद पड़े हैं। कई कैमरे व केबल भी गायब भी हो गई। कोतवाली थाने में बने कंट्रोल रूम में कैमरे नो सिंग्नल हो गए हैं। कई तो नो सिग्नल भी नहीं बता रहे। वहीं शहर में अभय कमांड सेंटर योजना के तहत हाइटेक कैमरे लगने थे लेकिन वे भी अब तक नहीं लगे। एक साल से काम चल रहा है लेकिन अभी तक एक भी कैमरा नहीं लगा।

 

अभय कमांड सेंटर का अता-पता नहीं


जानकारी के मुताबिक अभय कमांड सेंटर के तहत जिला मुख्यालय सहित रतननगर व दूधवाखारा बाजार में करीब १९० कैमरे लगाए जाने हैं। इसका काम राज्य स्तर से किया जा रहा है। शहर में करीब एक साल पहले इसका काम शुरू कर दिया गया था लेकिन अभी तक शहर में लगने वाले कैमरों के पोल व वायरिंग तक तैयार नहीं हो सकी है। कई महीनों से काम बंद पड़ा था। कैमरे कब तक लगेंगे इसका अभी तक कुछ नहीं पता नहीं है। अभी तक यह भी तय नहीं है कि कैमरों का कंट्रोल रूम कहां पर बनेगा। कभी लकक्ट्रेट तो कभी पुलिस कंट्रोल रूम में इसके लिए नियंत्रण कक्ष बनाने की कवायद की जा रही है, जो अधर में ही है। जिला स्तर पर इसकी मॉनिटरिंग कर रहे कलक्ट्रेट के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के उप निदेशक नवीन कुमार ने बताया कि अभय कमांड योजना के तहत चूरू कोतवाली, सदर, रतननगर व दूधवाखारा थाना क्षेत्र में १९० कैमरे लगने हैं। विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता लगने से काम एक बार रुक गया था। लेकिन अब दुबारा शुरू करवा दिया गया है। पुलिस कंट्रोल रूम में नियंत्रण कक्ष बनाने की प्रक्रिया चल रही है। शहर में सबसे पहले २५ सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। इसके लिए पोलों के कनेक्शन किए जा रहे हैं। १५ पोलों पर मीटर भी लगा दिए गए हैं। दस पर बाकी हैं कुछ ही दिनों में काम पूरा करवाकर २५ कैमरे चालू करवा दिए जाएंगे। शेष कैमरे द्वितीय चरण में लगाए जाएंगे।

 

सुरक्षा में कैमरों का रोल अहम


&शहर की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे बहुत जरूरी हैं। सांसद कोटे से एक बार कैमरे लगे थे लेकिन वे कुछ दिन बाद ही बंद हो गए। कैमरों से अपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण करने करने व वारदात का पता लगाने में पुलिस को काफी सुविधा मिलती है। इसलिए ये जरूरी है।
सुनील भाऊवाला, कपड़ा व्यापारी


कैमरे बंद होना दुखद


''शहर की सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए मांग उठ रही थी। इसलिए सांसद कोटे से जिला मुख्यालय पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए करीब छह लाख से अधिक रुपए पुलिस विभाग को दिए गए थे। पुलिस विभाग ने सारा काम करवाया था। लेकिन कैमरे यदि बंद हो गए तो यह पुलिस विभाग की लापरवाही है और सुरक्षा की दृष्टि से भी अच्छा नहीं है। ''
राहुल कस्वा, सांसद, चूरू



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