सुजानगढ़. जोधपुर डिस्कॉम की योजना के मुताबिक काम हुआ तो अब बिजली की चोरी करने वालों की खैर नहीं होगी। डिस्कॉम ने अब जियो टैगिंग तकनीक से बिजली चोरों पर शिकंजा कसने की कवायद शुरूकी है। इस तकनीक से ट्रांसफार्मर से बिजली का उपयोग कर रहे हर उपभोक्ता पर निगम की नजर रहेगी। इससे बिजली चोरी करने वाले उपभोक्ताओ को आसानी से चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाईकी जा सकेगी। इसके लिए निगम की ओर से चूरू जिले सहित तीनों डिस्कॉम को आदेश जारी कर दिए गए हैं। टैगिंग की यह व्यवस्था उपभोक्ता से लेकर ट्रंासफार्मर तक की होगी। टैगिंग सिस्टम में उपभोक्ता का नाम, उसका घर, फीडर, ट्रांसफार्मर आदि की जानकारी होगी। साथ ही उपभोक्ता कितनी बिजली का उपयोग कर रहा है ओर उसका बिजली का बिल कितना आ रहा है। यदि बिजली का बिल या बिजली उपयोग की यूनिट में अंतर आता है तो तुरन्त ही पता चल जाएगा। इसके लिए ट्रांसफार्मर पर एनर्जी ऑडिटिंग मॉडल लगाए जाएंगे। साथ ही ट्रांसफार्मर के लोड की जानकारी भी रहेगी।
जानकारी जुटाई जा रही है
सहायक अभियंता कार्यालय क्षेत्र में कितने जीएसएस है। हर जीएसएस पर कितने फीडर है। फीडर पर कितने ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। हर ट्रांसफार्मर से कितने उपभोक्ताओं को बिजली सप्लाई की जा रही है। यह सारा डेटा ऑन लाईन कर निगम कंट्रोल रूम को भेजा जाएगा। अब तक फीडर तक की ही बिजली चोरी ट्रेस की जाती है। अब एक फीडर के अंदर आने वाले ट्रांसफार्मर पर डिवाइस लगाकर उपभोक्ता को पहुंचने वाली बिजली की खपत व बिजली के बिल की राशि की गणना की जाएगी।
एक नजर में उपखंडो की स्थिति
सब सेन्टर फीडर ट्रांसफार्मर उपभोक्ता
सुजानगढ़ 5 25 687 32959
सालासर 3 14 394 13101
बीदासर 22 100 3240 29606
तेहनदेसर 29 167 4909 14422
इनका कहना है
&उपभोक्ताओ की टैगिंग का कार्य 31 मार्च तक पूरा होना है। यहां पर कार्य की प्रगति संतोषजनक है। ऐसा होने से ट्रांसफार्मर पर ओवर लोडिंग की असुविधा, बिजली चोरी रुकेगी व छीतज कम होगी।
डीसी श्योराण, अधिशाषी अभियंता, जोधपुर डिस्कॉम, खंड सुजानगढ़





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