अजमेर.
परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने युवाओं को सीख दी है कि अगर वे जीवन में कुछ करना चाहते हैं तो उन्हें इरादे मजबूत रखने होंगे। उन्होने कहा कि कोई उंगली पकडकऱ आगे नहीं बढ़ाएगा बल्कि खुद ही आगे बढऩे की ताकत पैदा करनी होगी। उन्होंने कहा कि राजनेता के पास भले ही बड़े सा बड़ा पद हो, लेकिन असली में वह जनता का नौकर ही होता है।
श्री क्षत्रिय प्रतिभा विकास शोध संस्थान की ओर से जवाहर रंगमंच में आयोजित 20 वें क्षत्रिय प्रतिभा सम्मान समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए खाचरियावास ने कहा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। काम को लेकर शर्म महसूस करने वाला कभी बड़ा आदमी नहीं बन सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपना कॅरियर बनाने के लिए मिलने वाला छोटे से छोटा मौका भी हाथ से नहीं निकलने देना चाहिए। काम को लेकर हताश करने अथवा डराने वाले बहुत मिलेंगे लेकिन यह सोच लें कि बीता समय कभी वापस नहीं आता।
जाति की बात करें लेकिन लें सबका साथ
खाचरिवास ने कहा कि जहां जरूरत हो वहां जाति की बात जरूर करें लेकिन जहां तक संभव हो सभी वर्गों को साथ लेकर चलें। उन्होने परोक्ष रूप से भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि जाति और धर्म के नाम पर माहौल खराब करना बहुत आसान हो गया है लेकिन धर्म के नाम पर लोगों में सामंजस्य बैठाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि केसरिया वीरता और बलिदान का प्रतीक है यह मरने और मारने का झंडा नहीं है। उन्होंने राजनेताओं को भी आगाह कि वे किसी गलतफहमी में नहीं रहें। राजनीति में कोई कितने ही बड़े पद पर हो हकीकत में वह जनता का नौकर होता है।
मेहनत से मिलेगी सफलता
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उच्च शिक्षा राज्य मंत्री भंवरसिंह भाटी ने युवाओं से कहा कि उन्हें समाज के सफल व्यक्तियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। मेहनत के बलबूते सफलता का मार्ग काफी आसान हो जाता है। युवाओं को अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी ईमानदारी से मेहनत करनी होगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय प्रतिस्पर्धा का है लेकिन देखा-देखी से बचना चाहिए। अपना लक्ष्य चुनें और उसे हासिल करने के लिए पूरे जी जान से जुट जाएं।
टेक्नोलॉजी ने दिए अवसर
पुलिस महानिरीक्षक वी.के. सिंह ने कहा कि टेक्नोलॉजी की बदौलत युवा वर्ग के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हो गए हैं। युवाओं को कॅरियर बनाने के लिए यह वरदान साबित हो सकते हैं। उन्होने कहा कि परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए युवाओं को अपने हस्तलेख को सुधारना बहुत जरूरी है। उन्होने परीक्षकों पर कटाक्ष किया कि वे साल भर की मेहनत का मूल्यांकन करने के लिए महज चंद मिनट देते हैं। ऐसे में हस्तलेख अच्छा होगा तो उसका मूल्यांकन भी बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि कॅरियर बनाने के लिए अंग्रेजी या हिंदी मीडियम से फर्क नहीं पड़ता। प्रदेश सहित देश के अनेक वरिष्ठ अधिकारियों ने हिंदी माध्यम में पढ़ाई की और अच्छे मुकाम तक पहुंचे।
बालिका शिक्षा जरूरी
अपर जिला न्यायाधीश शक्तिसिंह शेखावत ने समाज से अपील की वे बालिका शिक्षा को बढ़ावा दें। घर में पढ़ी-लिखी माता होगी तो परिवार भी शिक्षित होगा। उन्होंने कहा कि इच्छा शक्ति हो तो सीमित संसाधनों से भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा कि वे गरीब परिवार में पैदा हुए इसके बावजूद वे देश के सर्वोच्च पद पर पहुंचे। समारोह को आइपीएस अमनसिंह और न्यूज-18 के हैड श्रीपॉल सिंह शक्तावत व आईपीएस बहादुरसिंह शेखावत ने भी संबोधित किया। संस्थान सचिव रणजीतसिंह राठौड़ ने आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन जयसिंह राठौड़, भानुमति राठौड व अर्चना राठौड़ ने किया।
145 प्रतिभाओं का सम्मान
समारोह में समाज के 122 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पदक और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा समाज में उल्लेेखनीय सेवाएं देने वाले 23 व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में राजस्थान पत्रिका के सहायक संपादक प्रदीपसिंह शेखावत का भी सम्मान किया गया। समारोह में महेन्द्रसिंह रलावता, सुरेन्द्रसिंह शेखावत, भंवरसिंह पलाड़ा, हनुमानसिंह भाटी, पूर्व कुलपति डॉ. लोकेश शेखावत, नरेन्द्रसिंह भंवाड़ा, महेन्द्रसिंह कड़ैल, देवेन्द्रसिंह शेखावत, महेन्द्रसिंह मेड़तिया सहित अन्य मौजूद थे।





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