कोटा. जयपुर के सांगानेर में शुक्रवार को जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस के इंजन और कोच के पटरी से उतरने के तीन मिनट बाद तक गार्ड को पता नहीं चला कि हादसा हो गया। सूत्रों के अनुसार जिस जगह ट्रेन का इंजन और कोच पटरी से उतरे वहां अक्सर चेन पुलिंग होती है, इसलिए गार्ड ने चालक दल और स्टेशन मास्टर के संदेश का इंतजार किया। जब तीन मिनट तक वॉकी-टॉकी पर किसी का संदेश नहीं मिला तो वे उतरकर आगे गए तो पता चला ट्रेन पटरी से उतर गई।
इंजन के गिरने के कारण चालक काफी मशक्कत करके बाहर आया। इंजन में फंस जाने के कारण चालक का गार्ड से संवाद नहीं हो पाया। हांलाकि चालक और सहायक चालक के किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है। इस ट्रेन में चालक दल जयपुर मंडल के थे और गार्ड सुधीर कुमार कोटा मंडल रहने वाले हैं। राजस्थान पत्रिका ने गार्ड सुधीर कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि इंजन पटरी से क्यों उतरा यह जांच में पता चलेगा और अधिकृत रूप से उच्च अधिकारी कुछ बता सकते हैं।
जब हादसे के बाद वे मौके पर गए तो उन्हें यह जानकारी मिली कि इंजन के आगे कोई बड़ा पत्थर आ जाने के कारण एेसे हालात बने। सुधार कुमार ही कोटा से जयपुर इस ट्रेन को लेकर गए और वो ही उसे वापस कोटा तक लेकर आए।
कोटा नहीं आई सुपरफास्ट
पश्चिम मध्य रेलवे की ओर से वाया कोटा होकर जबलपुर से अजमेर के बीच संचालित की जाने वाली गाड़ी संख्या 12181 दयोदय एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने से कोटा मंडल की कई ट्रेन का संचालन प्रभावित हुआ। इस ट्रेन को श्योदासपुरा पर टर्मिनेट करके श्योदासपुरा से अजमेर के बीच निरस्त किया गया।
वापसी में भी इस ट्रेन का संचालन श्योदासपुरा से जबलपुर के बीच किया जाएगा। वहीं विशाखापट्टनम-भगत की कोठी एक्सप्रेस को सवाईमाधोपुर जंक्शन पर ही टर्मिनेट कर दिया गया। इस कारण जोधपुर जाने वाले यात्रियों को परेशानी हुई और उन्हें सवाईमाधोपुर से आगे की यात्रा के दूसरे विकल्प खोजने पड़े। हादसे के कारण वाया कोटा होकर चलने वाली जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट शुक्रवार को कोटा नहीं आई, इस ट्रेन को वाया अजमेर-चंदेरिया-रतलाम होकर संचालित किया गया। इस कारण कोटा जंक्शन से सफर करने वाले यात्री इस ट्रेन में सफर नहीं कर पाए। इसी तरह कोलकाता-उदयपुर एक्सप्रेस का मार्ग बदलकर आगरा फोर्ट-भरतपुर और बांदीकुई होकर संचालित किया गया।





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