अलवर. जिले में इस बार अधिकतर महाविद्यालयों में छात्रसंघ कार्यकारिणी व महाविद्यालय प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। अधिकतर महाविद्यालयों में इस विवाद के चलते छात्रसंघ समारोह तक नहीं हुआ है।
राजर्षि महाविद्यालय में छात्रसंघ समारोह विवाद सुर्खियों में रहा। यहां सडक़ किनारे ही रात को शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इसी प्रकार कला महाविद्यालय में छात्रसंघ अध्यक्ष के कहने के बाद भी महाविद्यालय ने समारोह नहीं किया। यहां भी रात को राज्य सभा सदस्य डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने शपथ दिलाई। इसी प्रकार कॉमर्स कॉलेज में तो छात्रसंघ समारोह कराने के लिए प्राचार्या अनुमति नहीं दे रही हैं। बीबीरानी में छात्रसंघ समारोह से पहले ही विवाद हो गया जिसके कारण समारोह ही नहीं हो पाया। राजकीय गौरी देवी महिला महाविद्यालय में समारोह कराने में कार्यवाहक प्राचार्य ने कोई रुचि नहीं दिखाई जिसके कारण समारोह नहीं हो सका। मत्स्य विश्वविद्यालय में अभी तक तो समारोह नहीं हुआ है जबकि समारोह करने की अंतिम तारीख २५ फरवरी है। गोविन्दगढ़ महाविद्यालय में समारोह नहीं
हुआ है और तिजारा महाविद्यालय में भी यही हालात हैं।थानागाजी में भी हुए समारोह में विवाद ही छाया रही है।
राजर्षि महाविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालय पर ही महाविद्यालय प्रबंधन ने ताला लगा दिया। अनुशासन समिति के सदस्यों ने छात्रों की समस्याओं को जाने बिना ही ताला लगवा दिया था। छात्रसंघ कार्यकारिणी के पदाधिकारी कहां बैठकर विद्याथॢर्थयों की समस्याएं सुने, इसका जवाब किसी के पास नहीं था। एेसे में छात्रसंघ अध्यक्ष व उनके साथियों ने ताला तोड़ दिया और कार्यालय में बैठ गए। कई महाविद्यालयों में छात्रसंघ कार्यकारिणी को महाविद्यालय प्रबंधन उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने की बात सामने आई है। एेसे में छात्रों की ओर से चुने गए यह कार्यकारिणी पंगु बन कर रह गई है।





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