पाली। रोडवेज बसों में सफर कर रहे है तो एक बार उनकी स्थिति का अवलोकन जरूर कर ले, क्योंकि पाली-फालना डिपो की कई कंडम बसें रूट पर दौड़ रही है। जो बीच रास्ते कभी भी बे्रकडाउन हो सकती है। इन बसों से हादसे की भी आशंका रहती है। इस बारे में जिम्मेदारों को पता है, लेकिन जवाब एक ही है रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय को भेज रखी है।रोडवेज की कोई भी गाड़ी आठ लाख किलोमीटर या आठ साल की अवधि दोनों में से कोई भी पहले पूर्ण कर लेती है तो उसे कंडम मान दिया जाता है। विभाग के तकनीकी अधिकारियों के अनुसार यह अवधि पूरी करने के बाद बस की मरम्मत करवाने पर भी कंडम बसें निर्धारित माइलेज नहीं देती और बीच रास्ते बे्रकडाउन होने का भी डर रहता है। पाली डिपो में वर्तमान में 72 गाडिय़ा है। जिनमें से रोडवेज की 46 व 26 अनुबंधित बसें है। वर्तमान में डिपो की सात बसें कंडम हो रखी है। वहीं फालना डिपो में 55 बसें है। जिनमें से 40 बसें रोडवेज की व 15 बसें अनुबंधित है। वर्तमान में डिपो की सात बसें कंडम घोषित है।
मुख्यालय को भेज रखी है रिपोर्ट
कंडम बसों को लेकर मुख्यालय को रिपोर्ट भेज रखी है। बीच रास्ते ब्रेक डाउन होने के डर से इन्हें लम्बे रूट पर संचालित नहीं करते है।
रूचि पंवार, मुख्य प्रबंधक, फालना डिपो
कंडम बसें जाएंगी अजमेर
डिपो की कंडम बसें को लेकर मुख्यालय को लिखा था। जिन्हें अजमेर भेजने के आदेश मिले है जल्द ही कंडम बसों को अजमेर भेजेंगे। रूट पर आवश्यकता होने पर ही इन बसों को चलाते है।
सीमा चौधरी, एमओ, पाली डिपो
अधिकांश एसएचओ ने संभाले नए थाने
पाली. पुलिस अधीक्षक आनंद शर्मा द्वारा 17 थानाधिकारियों को बदलने के बाद बुधवार को अधिकांश थानाधिकारियों ने अपने नए थानों के पदभार ग्रहण कर लिए। जानकारी के अनुसार एसपी ने सभी को बुधवार शाम तक पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मारवाड़ जंक्शन, सेंदड़ा, रास, रायपुर मारवाड़, रानी, गुड़ा एन्दला, तखतगढ़, सोजत रोड, शिवपुरा, रोहट, महिला थाना, ट्रांसपोर्ट नगर थाना, सिरियारी, सोजत सिटी, फालना, सांडेराव थाने के एसएचओ ने पदभार ग्रहण कर लिए। सभी ने अपने-अपने थाने का फीडबैक लिया और स्टाफ को सतर्क रहने के निर्देश दिए।





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