प्रोपर्टी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का सब्जबाग दिखाने के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोपी चिंटू वधवा को कोतवाली पुलिस ने दूसरी बार गिरफ्तार किया था। जो रिमांड पर चल रहा था। सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
सीआई हनुमानाराम ने बताया कि पुरानी आबादी शक्तिनगर निवासी शंकुतला सचदेवा पत्नी ओमप्रकाश ने पिछले साल रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि सुखाडिय़ानगर निवासी राजेन्द्र वधवा उर्फ चिंटू वधवा पुत्र जगदीश ने कोतवाली के सामने स्थित मॉल में एक दुकान बेचने का सौदा किया। इस सौदे के अनुरुप उसने 18 लाख रुपए दे दिए लेकिन जब दस्तावेजों की जांच कराई तो पता चला कि यह दुकान चिंटू वधवा ने बैंक से पहले से ही इस दुकान को बंधक लेकर मोटा ऋण ले रखा है। इस मामले की जांच लंबित थी। गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने चिंट वधवा को गिरफ्तार किया था। कोतवाली पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के रिमांड पर लिया था। रिमांड अवधि समाप्त होने पर सोमवार को आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
आरोपी चिंटू वधवा के खिलाफ सदर और जवाहरनगर थाने में करीब सात मामले दर्ज है। दो साल पहले प्रोपटी बूम के नाम पर चिंटू वधवा ने शहर के कई नामी लोगों को सब्जबाग दिखाकर प्रोपर्टी में निवेश कराने का झांसा दिया था। इस झांसे में आए लोगों ने कोतवाली और जवाहरनगर थाने में सात मामले भी दर्ज कराए थे। इसमें कईयों में चिंटू वधवा के साथ राजीनामा होने के कारण उसे कोर्ट से जमानत मिल गई थी।





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