दौसा. श्रम विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन ने कहा कि सैस वसूली के लिए जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वातावरण का निर्माण करने के साथ ही सभी विभागीय अधिकारी सामूहिक रूप से मन व लग्न से कार्य करें।
सोमवार को कलक्टे्रट सभा भवन में आयोजित सैस वसूली संबंधित बैठक को संबोधित करते हुए प्रमुख शासन सचिव (श्रम) ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में सैस वसूली के लिए श्रम कल्याण विभाग व नगर परिषद, नगर पालिकाएं तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व श्रम कल्याण विभाग अधिकृत हैं। जिले में 10 लाख से अधिक रुपए की लागत से बनने वाले भवनों एक प्रतिशत सैस राशि वसूल करने का सरकार को पूर्ण अधिकारी हैं। सैस वसूली अधिनियम के तहत सरकारी एवं गैर सरकार क्षेत्र में कराए गए निर्माण कार्यों पर सैस वसूली जरूरी हैं। इसमें एक जुलाई 2009 के बाद 10 लाख से अधिक की लागत का मकान निर्माण करवाया है, उसकी लागत राशि का एक प्रतिशत सैस वसूला जाएगा। मकान मालिक अपनी मर्जी से मकान की लागत का आकलन कर सैस की राशि बीओसीडब्ल्यू की साइट पर दिए गए खाते में जमा करवा सकते हैं।
उन्होंने जिला श्रम अधिकारियों को निर्देश दिए कि मकानों के स्वामियों को 15 दिवस में नोटिस जारी कर की गई कार्यवाही से अवगत कराए। उन्होंने नगर पालिका महुवा में 10 लाख से अधिक लागत के बने मकानों का 26 व 27 फरवरी को सर्वे कर नोटिस जारी करने के लिए श्रम कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए।
बैठक में जिला कलक्टर अविचल चतुर्वेदी ने कहा कि नगर परिषद, नगर पालिका व श्रम कल्याण के अधिकारी सक्रिमय रहकर सैस वसूली के लिए कार्य करें। उन्होंने आयुक्त नगर परिषद, अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका को निर्देश दिए कि बिना अनुमति के निर्माण कार्य करवाने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते कर सैस वसूली की जाए। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर राजवीर सिंह चौघरी, एसीओ सुरेन्द्र सिंह मीना, एसई हरिकेश मीना, ए. के गुप्ता, सीएमएचओ डॉ. ओ.पी बैरवा आदि मौजूद थे।
दौसा. श्रम कल्याण विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन ने कहा कि पत्थर पर नक्काशी का काम करने वाले श्रमिकों में चेतना जागृत करने तथा सिलिकोसिस बीमारी से बचाव के आवश्यक उपकरण उपलक्ध करवाने के लिये यूनिट प्रभारी व सिकन्दरा एवं मानपुर स्टोन एसोसियन आगे आकर कार्य करें।
सोमवार को कलक्टे्रट सभागार भवन में आयोजित सिलिकोसिस पीडि़तों की सहायतार्थ आयोजित बैठक को संबोधित करते हुये प्रमुख शासन सचिव श्रम ने यह बात कही। इन उपकरणों का उपयोग नहीं करने वाले यूनिट, व्यवसायी ,स्टोन यूनिट के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक 126 7 श्रमिकों के सिलिकोसिस सहायता के लिए आवेदन प्राप्त हुए हंै, उनमें से 8 45 आवेदन स्वीकृत कर सहायता दी जा चुकी है तथा 275 आवेदन निरस्त किए गए हैं। 147 पीडि़तों के आवेदन कमी-पूर्ति के लिए सीटीजन आईडी पर बकाया हैं। इस दौरान सिलिकोसिस विशेषज्ञ डॉ. पी. के सिसोदिया ने सिलिकोसिस बीमारी होने तथा बचाव के बारे में जानकारी दी।






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