अलवर. किसी भी इलाके में अब कोई अवैध काम होता मिला तो सीधे बीट कांस्टेबल पर गाज गिरेगी। पुलिस मुख्यालय ने अवैध धंधों और अपराध पर काबू पाने के लिए बीट कांस्टेबल स्तर तक सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय की है। अलवर जिले के सभी पुलिस थानों को अलर्ट करते हुए मुख्यालय के आदेशों से अवगत करा दिया गया है।
जिले में कई इलाकों में अवैध खनन, जुआ, सट्टा, अवैध शराब बिक्री, तस्करी व नशे का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। ऐसे अवैध धंधों और अपराधों की रोकथाम के लिए अब पुलिस सख्ती से पेश आएगी। यदि किसी इलाके में इस तरह के अवैध काम हो रहे तो इसकी गुप्त रूप से जानकारी जुटाई जाएगी। इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से पुलिस की विशेष टीम भेजकर वहां कार्रवाई कराई जाएगी। साथ ही इस अवैध कामों के लिए सम्बन्धित बीट कांस्टेबल को दोषी मानते हुए उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बीट प्रणाली से इलाके में निगरानी
अपराध की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी के लिए पुलिस में बीट प्रणाली लागू है। सभी थाना स्तर पर इलाकों को बीट के रूप में विभाजित कर रखा है। उनमें एक-एक कांस्टेबल को बीट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो अपने इलाके में घूमकर और लोगों से सम्पर्क कर बीट की हर गतिविधि पर नजर रखता है। कई बीट कांस्टेबल इस काम को गंभीरता से नहीं कर रहे हैं। जिसके कारण अवैध धंधों और अपराधों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
मंथली के खेल में नहीं कर रहे कार्रवाई
पुलिस ने बीट प्रणाली लागू कर पुलिसकर्मियों को अलग-अलग इलाकों की जिम्मेदारी तो सौंपी हुई है, लेकिन कुछ पुलिसकर्मी अपने बीट क्षेत्र में अवैध खनन, जुआ-सट्टा, अवैध शराब की बिक्री और नशे का कारोबार खुलेआम करा रहे हैं। इसकी एवज में अवैध कारोबारियों से मंथली वसूल रहे हैं।
सख्ती से होगी कार्रवाई
यदि किसी भी इलाके में अवैध खनन, जुआ-सट्टा, अवैध शराब की बिक्री और नशे का कारोबार चलता मिला तो इसके लिए बीट कांस्टेबल सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा। अवैध कारोबार के साथ ही दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ भी सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
राजीव पचार, जिला पुलिस अधीक्षक, अलवर।





No comments:
Post a Comment