जयपुर. चिकित्सा विभाग जयपुर प्रथम की टीम ने मंगलवार को रामगंज इलाके में भगवान सहाय कमलेश कुमार फर्म पर कार्रवाई कर यहां 60 प्रतिशत मक्का, 35 प्रतिशत आटा और 5 प्रतिशत चना दाल के मिश्रण से मिलावटी बेसन बनाने के कारोबार का खुलासा किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जयपुर प्रथम डॉ.नरोत्तम शर्मा के अनुसार बेसन को स्वस्तिक ब्रांड बेस्ट क्वालिटी बेसन के नाम से बेचा जा रहा था। टीम ने ब्रांड केनमूने लेकर यहां मिले 750 किलो बेसन को सीज कर दिया है।
यहां दूसरा ब्रांड लक्ष्मी ब्रांड नाम से 150 कट्टों में बेसन के रूप में पाया गया। इसके भी जांच नमूने लेकर 3450 किलो बेसन सीज किया गया है। इस फर्म पर कुल 4500 किलो बेसन सीज कर जांच के लिए दो नमूने लिए गए हैं। इस फर्म का प्रोपराइटर अर्पित खंडेलवाल है।
यहां तो सिर्फ दिखावा
प्रदेश में 21 जिले ऐसे हैं, जहां एक-एक ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी तैनात हैं। 8 जिलों में 2 से 4 अधिकारी हैं। करौली सहित कई जिलों में 1 भी खाद्य सुरक्षा अधिकारी नहीं है।
राजमा डालते ही पानी लाल, 1462 किलो सीज
चिकित्सा विभाग की टीम ने मंगलवार को विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र में रोड नंबर 9 स्थित भगवती उद्योग में मैसर्स रामगोपाल, मुकेश कुमार और महेश कुमार ओमप्रकाश पर कार्रवाई कर रंग और पॉलिश से चमकाए जाने का अंदेशा होने पर 1462 किलो राजमा सीज किया है। यहां पानी में राजमा को डाले रखने पर कुछ ही देर में राजमा लाल हो गया। इससे पहले भी एक फर्म पर राजमा में रंग का इस्तेमाल पाया था।





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