टीटनवाड़ गांव में शादी में दुल्हे की ओर से दहेज नहीं लेने की चर्चा रही
झुंझुनूं. टीटनवाड़ गांव में एक शादी समारोह में ससुर साढ़े पांच लाख रुपए से भरा थाळ दामाद के सामने लिए खड़ा रहा और दामाद कहता रहा कि उन्हें दहेज नहीं चाहिए। २९ जनवरी को गांव के विक्रमसिंह की पुत्री ज्योति कंवर की शादी थी। बारात डीडवाना के बगतपुरा से पहुंची।खूब नाच-गाना और धूम धड़ाका हुआ। परंतु जब फेरे होने के बाद लड़की ज्योति के पिता दहेज के रूप में पांच लाख ५१ हजार रुपए से भरा थाळ लेकर दामाद जेठूसिंह के पास पहुंचा तो दहेज के रूप में यह राशि लेने से मना कर दिया। अंत में एक रुपया नारियल देकर बेटी को विदा किया गया। विक्रमसिंह का दामाद जेठूसिंह आर्मी में एज्युकेशन हवलदार के पद पर कार्यरत है और इसके पिता जीवनसिंह गार्डकी प्राइवेट नौकरी करते हैं। ज्योति भी एमएससी कर चुकी और इसके पिता विक्रमसिंह प्राइवेट चालक की नौकरी करते हैं।





No comments:
Post a Comment