चैनराज भाटी
पाली.सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद बजरी का खनन व परिवहन स्थानीय स्तर पर धड़ल्ले से चलना सर्वविदित है, लेकिन शराब व मादक पदार्थ के बाद अब माफिया ने बजरी की तस्करी शुरू कर दी है। मारवाड़ खासकर जोधपुर के मीठे पानी की नदियों की बजरी की डिमाण्ड इन दिनों मुम्बई में जोरों पर हैं। ऐसे में माफिया ने अब बजरी की तस्करी शुरू कर दी है। जोधपुर के लूनी रोहट से सटी नदियों से अवैध खनन से बजरी निकाल ट्रेलर में भरकर मुम्बई भेजी जा रही है। बदले में प्रति ट्रेलर तीन से चार लाख रुपए वसूल रहे हैं। जोधपुर में लूनी व रोहट के सोनाई लाखा नदी में जेसीबी के माध्यम से यह बजरी भरी जा रही है। लूनी व रोहट थाने में पकड़ में आए तीन ट्रेलर से इसका खुलासा हुआ है।
लूनी नदी से खनन के बाद मुम्बई में खपत
रोहट थाने के सामने से अब भी रोजाना बड़ी मात्रा में बजरी के डम्पर व ट्रेलर भरे हुए निकलते हैं। शनिवार देर रात को पुलिस को खबर मिली कि बजरी से भरे दो बड़े ट्रेलर बजरी से भरे हुए जा रहे हैं। इस पर रोहट पुलिस ने थाने के सामने नाकाबंदी करवाई। दो ट्रेलर बजरी से भरे जब्त किए। अजमेर में भीनाय के नागोला निवासी चालक स्वरूपराम पुत्र शंभू और रामस्वरूप पुत्र रामकरण जाट को पकड़ा। साथ ही खनिज विभाग को कार्रवाई के लिए सूचना दी गई है। यह ट्रेलर नागौला निवासी कालूराम पुत्र ताराजी धोबी के हैं। पूछताछ में इन्होंने बताया कि जोधपुर की लूनी नदी से यह ट्रेलर भरे गए हैं और कट्टों में भरकर इस बजरी को मुम्बई भेजा जा रहा था। मुम्बई में इसकी बड़ी मांग है।
नदी से खेत में डम्पर, कट्टों में ट्रेलर में भराई
सूत्रों की मानें तो लूनी नदी व आस-पास के क्षेत्र में अंधेरा होते ही जेसीबी से बजरी का खनन शुरू हो जाता है। डम्पर या ट्रैक्टर ट्रॉली में बजरी भरने के बाद गुड़ा विश्नोइयान, कांकाणी व आस-पास के गांवों में सूने खेत में बजरी खाली की जाती है। फिर बजरी छानकर पत्थर आदि निकालकर साफ की जाती है और प्लास्टिक कट्टों में भर ट्रेलर लोड करके तिरपाल से ढंककर बांध दिए जाते हैं। कट्टे होने से किसी को संदेह भी नहीं होता है। बिल्टी भी किसी अन्य पदार्थ की बना ली जाती है।
जोधपुर से मुम्बई ले जाते हैं बजरी
सहायक पुलिस आयुक्त जोधपुर बोरानाडा सिमरथाराम का कहना है कि जोधपुर की लूनी थाना पुलिस ने कुछ समय पहले दो ट्रेलर पकड़े थे। एक ट्रेलर में कट्टों में भरी बजरी भरी थी। जबकि दूसरा ट्रेलर खाली था। नदियों से खनन के बाद बजरी मुम्बई ले जाई जा रही थी। पुलिस की कार्रवाई पर खनन विभाग ने सात लाख रुपए का जुर्माना भी वसूला था।
हाइवे के थानों की नाकाबंदी पर सवाल
पिछले कई महीनों से बजरी का यह अवैध कारोबार चल रहा है। पकड़ में आए ट्रेलर चालकों ने बताया कि मुम्बई बजरी ले जाना आम बात है। ऐसे में पाली जिले के हाइवे के थानों की नाकाबंदी पर सवाल उठ रहे हैं। जोधपुर से ये ट्रेलर निकलने के बाद लूनी, पाली जिले में रोहट, सदर, सांडेराव, गुंदोज पुलिस चौकी व सुमेरपुर थाना क्षेत्र से सिरोही और फिर गुजरात होकर मुम्बई में गंतव्य तक पहुंचते हैं।
मुम्बई में खारा पानी, इसलिए मांग
मुम्बई व उसके आस-पास खारा पानी होने से मीठी बजरी की किल्लत है। वहां बहुमंजिला इमारतों के निर्माण में मारवाड़ के बजरी की डिमाण्ड अधिक है। प्रदेश में सुप्रीम कोर्ट ने बजरी खनन पर रोक लगा रखी है। बावजूद इसके बजरी माफिया ने बड़े मुनाफे के फेर में अब यह कारोबार भी शुरू कर दिया और मुम्बई भेजने से भी नहीं कतराते हैं। पुलिस ने भी इन पर पहली बार कार्रवाई की है।
दर्ज होगा मुकदमा
पुलिस ने ट्रेलर बजरी से भरे हुए जब्त किए हैं। यह बजरी मुम्बई भेजी जा रही थी। खनिज विभाग को कार्रवाई के लिए कहा है। खनिज विभाग मुकदमा करवाएगा तो आगे कार्रवाई होगी।
निशांत भारद्वाज, पुलिस उपाधीक्षक, पाली ग्रामीण वृत्त





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