झालावाड़ चिकित्सालयों में सोनोग्राफी बंद....
-क्षेत्र के सबसे बड़े दोनो चिकित्सालयों में व्यवस्थागत खामियां
-जितेंद्र जैकी-
झालावाड़. क्षेत्र के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज से सम्बद्व राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में एक पखवाड़े से सोनोग्राफी बंद हो चुकी है वही राजकीय हीरा कुंवर महिला चिकित्सालय में दो दिन से सोनोग्राफी बंद है इसका कारण राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में सोनोग्राफी करने वाली चिकित्सक की सेवानिवृति हो चुकी है। वही राजकीय हीराकुंवर महिला चिकित्सालय में नियुक्त एक मात्र चिकित्सक दो दिन से अवकाश पर होने से यहां भी सोनोग्राफी बंद है। विडम्बना है कि इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन कुछ नही कर पा रहा हैँ जबकि चिकित्सालयों तीन सोनोग्राफी मशीने लगी है। गुरुवार को दोनो चिकित्सालय में मरीज परेशान रहे। बाहर निजी सोनोग्राफी सेंटरों की चंादी हो रही है। लाखों की लागत से चिकित्सालयों में लगी सोनोग्राफी मशीन का उपयोग नही हो पा रहा है।
-परेशान हो रहे मरीज
राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में रोज करीब 150 मरीज व राजकीय हीराकुंवर महिला चिकित्सालय में करीब 100 मरीज सोनोग्राफी के लिए आते है। चिकित्सक नही होने के कारण मरीजों को राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में 21 जुलाई 2019 पांच माह बाद की तारिख दी जा रही है वही राजकीय हीराकुंवर महिला चिकित्सालय में एक माह बाद की तारिख दी जा रही है।
-क्या करे समझ मे नही आ रहा
राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में जिले के रटलाई क्षेत्र के गांव गडारी निवासी चैन सिंह पेट दर्द होने पर दिखाने आया तो चिकित्सक ने उसके लिए सोनोग्राफी दिखी लेकिन यहां सोनोग्राफी नही होने से कुछ समझ में नही आ रहा। चिकित्सक भी कह रहे है कि इलाज कराना हो तो कहीं से भी सोनोग्राफी करवा कर लाओ। बाहर ज्यादा रुपए देने पड़ेगें। इस तरह के कई मरीज परेशान होते नजर आए।
-एक चिकित्सक वह भी सिर्फ प्रशिक्षण प्राप्त
मेडिकल कॉलेज में सोनोग्राफी के लिए मात्र एक ही चिकित्सक कार्यरत है वह भी 6 माह के प्रशिक्षण प्राप्त है जबकि होना चाहिए कि सोनोग्राफी एम.डी.रेडियोलोजिस्ट को ही करना चाहिए। कई बार सामान्य की जगह जटिल केस आने पर परेशानी होती है। प्रशिक्षण प्राप्त चिकित्सक केवल काम चलाऊ होते है।
-यह हो सकता है विकल्प
मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस चिकित्सकों, पीजी स्टूडेंटों को बाहर से किसी एम.डी.रेडियोलोजिस्ट को बुलाकर उन्हे प्रशिक्षित किया जा सकता है। इससे सोनोग्राफी के लिए वेकल्पिक व्यवस्था हो सकती है।
-रेडियोलोजिस्ट नही आ रहे है
मेडिकल कॉलेज झालावाड़ के डीन डॉ.आर.के.आसेरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की ओर से कई बार पोस्ट की वेकेंसी निकाली, टेंडर निकाले लेकिन किसी भी रेडियोलेाजिस्ट ने ज्वाई नही किया इसलिए परेशानी आ रही है। राज्य सरकार को भी इसके लिए लिखा है।
-एक ही चिकित्सक से लेगें काम
राजकीय एसआरजी चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ.दीपक गुप्ता ने बताया कि राजकीय एसआरजी चिकित्सालय में भी राजकीय हीराकुंवर महिला चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक से ही काम लिया जाएगा। उन्हे तीन तीन घंटे दोनो जगह पर बैठने के लिए पाबंद किया जाएगा।
-निजी काम से अवकाश पर हूं
राजकीय हीराकुंवर महिला चिकित्सालय में सोनोग्राफी करने वाले चिकित्सक डॉ. अंकुश माहेश्वरी ने बताया कि मै दो दिन से निजी कार्य के कारण अवकाश पर हूं। मैने कई बार इस समस्या से चिकित्सालय प्रशासन को अवगत करा दिया है।
-सरकारी चिकित्सक नही दे सकते है
झालावाड़ के जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से सम्बद्व दोनो चिकित्सालय को सोसायटी संचालित करती है सरकार की ओर से जिले में भवानीमंडी, डग, पिड़ावा व झालरापाटन में राजकीय चिकित्सालयों में सोनोग्राफी सुचारु चल रही है। हमारे पास भी प्रशिक्षण प्राप्त सीमित चिकित्सक है।





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