Breaking News
recent

सेना के सम्मान में बंद रहे बाजार

चूरू. जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए देश के सबसे बड़े आतंकी हमले से हर भारतीय का खून खौल उठा है। इस घिनौनी घटना से आतंकियों को नस्तनाबूत करने व पाकिस्तान को सबक सिखाने के स्वर सभी के मन में उठ रहे हैं। देश की जनता का आक्रोश और भावना को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को परिस्थितिनुसार सेना को हर कार्रवाई के लिए स्वतंत्र कर दिया। मोदी के इस निर्णय ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों व देश वाशियों का मनोबल बढ़ा दिया है। पीएम के इस निर्णय पर जब पूर्व सैनिकों व आमजन से बात की गई तो उन्होंने पीमएम के इस निर्णय को काफी सराहा और सही समय पर सही कदम बताया। पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए जिले में अनेक स्थानों के बाजार बंद रहे। इस दौरान व्यापारियों ने उनको श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत सरकार को अब कठोर निर्णय लेना ही पड़ेगा। तभी इनकी शहादत को सच्ची श्रद्धंाजलि होगी। आतंकवाद के सफाये के लिए सेना को अधिकार देने होंगे और इनकी सुविधाओं को और अधिक बढ़ाना होगा ताकि वे देश के लिए बेहतर काम कर सके। ये सेना ही जिसके कारण देश के करोड़ोंभारतीय लोग चेन की नींद सो रहे हैं। लेकिन इस घटना ने हर भारतीय के दिल पर गहरी चोट मारी है। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। जसवंतगढ में शहीद हुए सैनिकों के सम्मान में ऑटो चालकों ने रैली निकाली। इस दौरान बाजार बंद रहा। सरदारशहर में भी बाजार बंद रहा। यहां सभा कर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।


चूरू में अब तक ९१ जवान शहीद
देश की रक्षा करने में चूरू के लाल भी पीछे नहीं रहे हैं। द्वितीय विश्वयुद्ध से लेकर देश में जितने भी युद्ध हुए उसमें कुर्बानी दी है। जिले में शहीदों की लम्बी सूची है। द्वितीय विश्व युद्ध में पांच जवान शहीद हुए। इसी प्रकार 1962 में भारत-चीन युद्ध में 10, 1965 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में आठ, 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में 12, 1987 में ऑपरेशन पवन में चार, आपरेशन रक्षक में चार, 1999 में करगिल विजय ऑपरेशन में सात, ४२ जवान अन्य ऑपरेशनों व मुठभेड़ों में देश के लिए शहीद हो गए। पिछले साल ९१वां शहीद रतनगढ़ के गांव भींचरी निवसी किशनसिंह हुआ।

इनका कहना है

&र्कारवाई के लिए सेना को स्वतंत्र करना सरकार का सराहनीय कदम है। यह निर्णय देश हित में सराहनीय है। इससे सेना का मनोबनल बढ़ेगा और आंतकी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। इसे सरकार को बहुत पहले लागू कर देना चाहिए था। ऐसा होता को कश्मीर की स्थिति इतनी खराब नहीं होती।
मेजर रामकुमार कस्वां, पूर्व सैनिक कल्याण अधिकारी

हथियार होते हुए भी जवान निहत्था था
&पीएम के इस आदेश के बाद अब सेना कोई भी कार्रवाई के लिए स्वतंत्र हो गई है। जबकि पहले सेना एक दायरे में बंधी हुई थी, मौके के अनुसार निर्णय नहीं ले पाते थे। एक सैनिक के पास हथियार होते हुए भी कोई कार्रवाई नहीं कर सकता था। सेना कभी गलत निर्णय नहीं लेती है।
कैप्टन बलवीर, पंडरेऊ टिब्बा, तारानगर, चूरू

देश की सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
&सेना पर हमला पाकिस्तान सरकार की साजिश है। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक आतंकियों के पास पहुंचाने में पाक सेना की बड़ी भूमिका है। इसलिए भारत सरकार आतंकियों के साथ पाकिस्तान को भी कठोर सबक सिखाए। तभी शहीदों की आत्मां को शांति मिलेगी।
सुरेन्द्र बावलिया, वार्ड २८, चूरू

देश के लिए मजबूत कदम
&सेना को स्वतंत्र करना देश के लिए सराहनीय और मजबूत कदम है। इससे देश की सुरक्षा और मजबूत होगी। पीएम मोदी ने करोड़ों लोगों की भावना के अनुरूप काम किया है।
प्रकाश लांबा, सेवानिवृत्त शिक्षक, चूरू

&आतंकियों के बढ़ते हौसले कोतोडऩे के लिए प्रधानमंत्री को कठोर निर्णय लेना जरूरी है। देश की सुरक्षा सबसे जरूरी है।
रियाजत खान, कांग्रेस नेता, चूूरू

&देश के लिए जिन शहीदों ने कुर्बानी दी है उनके लिए यह सच्ची श्रद्धांजलि है। देश की सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री ने सराहनीय कदम उठाया है। उनके बड़े भाई सूबेदार दयाचन्द ने भी देश के लिए बलिदान दिया है। एक भतीजा भी देश की सरहदों की रक्षा के लिए सेना में कार्यरत है।
कृष्ण स्योराण, सैनिक बस्ती चूरू

&प्रधनामंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा का स्वागत करते हैं। घात लगाकर हमला करने वालों को सबक सिखाना जरूरी है। इस कायराना हरकत का बदला लेना जरूरी है।
सूबेदार महासिंह ख्याली, सेवानिवृत्त सैनिक, सादुलपुर

&प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से सेना को खुली स्वतंत्रता देने का स्वागत करते हैं। पाकिस्तान की मिलीभगत से आतंकवादी हमले का करारा जवाब देना ही वर्तमान की मांग की है। उन्होंने कहा कि जरुरत पडऩे पर वह भी मोर्चा संभालने को तैयार हैं।
उम्मेद सिंह, सेवानिवृत्त सैनिक



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.