जैसलमेर/पोकरण. क्षेत्र की बारठ का गांव ग्राम पंचायत में ग्राम सेवा सहकारी समिति बारठ का गांव के सदस्यों ने जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष जिला जन अभाव अभियोग निराकरण समिति जैसलमेर के नाम एक ज्ञापन प्रेषित कर समिति के व्यवस्थापक, अध्यक्ष व जैसलमेर सैंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अधिकारियों की मिलीभगत से ऋण वितरण में किए गए फर्जीवाड़े की जांच करने की मांग की है। समिति के सदस्यों व पदरोड़ा, इन्द्रानगर के ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समिति बारठ का गांव के व्यवस्थापक व अध्यक्ष की ओर से बैंक के उच्चाधिकारियों से मिलीभगत कर समिति सदस्यों के नाम से सन् 2010 से 2018 तक ऋण राशि उठाई गई। जिसका किसी भी सदस्य को जानकारी नहीं है। सदस्यों के ऋण पर बीमा क्लेम व खाद बीज की राशि का भी भुगतान करना बताया गया। जबकि किसी भी सदस्य को न तो ऋण दिया गया, न ही उन्हें इस आशय की जानकारी है। उन्होंने बताया कि गत दिनों व्यवस्थापक की ओर से 760 सदस्यों की सूची ऑनलाइन की गई। जबकि वास्तविक सदस्यों की संख्या 1509 है। इनमें करीब 1200 खातेदारों के नाम फर्जी है। उन्होंने बताया कि सदस्यों को बिना पूछे व बिना उनकी जानकारी में लाए उनके खाते खोले गए। ऋण राशि उठाई गई तथा उसे पुन: जमा करना भी बताया गया। इस तरह समिति सदस्यों के नाम से फर्जी खाते खोलकर राशि हड़प की गई है। उन्होंने ग्राम सेवा सहकारी समिति के रिकॉर्ड व समिति की एक-एक सदस्य को दिए गए ऋण का सत्यापन कर जांच करने की मांग की है। इसी प्रकरण को लेकर ग्रामीणों के एक प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को उपखण्ड अधिकारी की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार से भेंट की तथा उपखण्ड अधिकारी के नाम ज्ञापन सुपुर्द कर जीएसएस बारठ का गांव की ओर से किए गए ऋण वितरण व ऋण माफी घौटाले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग करते हुए बताया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो उनकी ओर से उपखण्ड अधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया जाएगा।





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