अश्विनी भदौरिया/जयपुर. हिंगोनिया गौशाला में चारे की कमी के चलते भूख से गायों की मौतें होने का मामला सामने आया है। गौशाला में गुरुवार को 72 और इससे पहले मंगलवार को 70 गायों की मौत हो गई। गौशाला की देखरेख कर रहे श्रीकृष्ण बलराम सेवा ट्रस्ट, अक्षय पात्र के पदाधिकारियों का कहना है कि नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजकर 6 फरवरी को ही स्थिति बता दी थी लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। अब गुरुवार शाम को महापौर और आयुक्त हरकत में आए। इसके बाद प्रभारी राजेंद्र चित्तौडिय़ा व चिकित्सक कमलेश मीना को निलम्बित कर दिया गया।
गौशाला उपायुक्त पर कार्रवाई के लिए स्वायत्त शासन विभाग को पत्र भेजा गया है। आयुक्त ने शाम को अक्टूबर के 3 करोड़ का भुगतान भी कर दिया। अब शुक्रवार को अतिरिक्त आयुक्त की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई जाएगी, जो 3 दिन में जांच कर आयुक्त को रिपोर्ट देगी।
पशु आहार के गोदाम खाली
पत्रिका की टीम ने गौशाला पहुंचकर पड़ताल की तो मृत गायों को बाड़े से 3 किलोमीटर दूर दबाया गया था। एक गड्ढे में आधा दर्जन से अधिक गौवंश मृत मिला। अधिकतर बाड़ों में चारे की कमी थी। पशु आहार के लिए बनाए गए गोदाम खाली पड़े थे। पूछ-पड़ताल में कारण सामने आया कि मवेशियों के लिए रोजाना 80 से 100 टन चारे के जरूरत होती है लेकिन 4 दिन से आधा चारा ही आ रहा है।
मामला बिगड़ा तब पहुंचे उपायुक्त
मामला बिगड़ा तो उपायुक्त आरके मीना गुरुवार शाम 6 बजे 2-3 अफसरों के साथ गौशाला में व्यवस्था देखने पहुंचे। निरीक्षण में सामने आया कि चारा नहीं है। इसके बाद उपायुक्त ने पत्रिका से कहा कि भुगतान क्यों नहीं किया गया, इस बारे में कुछ नहीं बता सकता। चारे की कमी थी तो ट्रस्ट के लोगों को निगम में आकर बताना चाहिए था।
जानकारी दी थी मगर सुनवाई नहीं हुई
- नगर निगम ने 4 माह से भुगतान नहीं किया, 12 करोड़ रुपए बाकी हैं। छह फरवरी को महापौर, आयुक्त व अन्य अफसरों से मिले लेकिन सुनवाई नहीं हुई। तीन-चार दिन से स्थिति बहुत बिगड़ गई थी। बताने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं आया।
राधाप्रियदास, कार्यक्रम समन्वयक, हिंगोनिया गौशाला
- अक्टूबर का भुगतान गुरुवार शाम कर दिया है। शेष 3 माह का भुगतान कर देंगे। निगम यह अतिरिक्त सहायता करता है। ट्रस्ट गायों के दूध आदि से भी तो पैसे कमाता है। गायों की मौतों की जांच कराएंगे, जिम्मेदारों पर कार्यवाही करेंगे।
विजयपाल सिंह, आयुक्त, नगर निगम
- गौशाला की व्यवस्थाएं देखने भगवत सिंह देवल को भेजा था। स्थिति बेहद खराब थी। ट्रस्ट संचालकों की भी लापरवाही है। निगम के जिन अफसरों का रवैया गैरजिम्मेदाराना है, उन पर कार्यवाही की जा चुकी है। गौवंश के लिए 10 ट्रक चारे की व्यवस्था देर रात करा दी गई है।
विष्णु लाटा, महापौर





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