कोटा। भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किए गए कोटा नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष आर.के. मेहता को शनिवार को न्यायालय में पेश किया गया। जहां एसीबी कोर्ट के न्यायाधीश ने मेहता को 20 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर सौंपने के आदेश दिए। एसीबी के पुलिस उपाधीक तरुणकांत सोमानी ने बताया कि रिमांड अवधि में मेहता से पांच लाख रुपए लेने के बारे में पूछताछ की जाएगी। इसके साथ ही अन्य आरोपियों से मेहता का आमना-सामना कराया जाएगा। भ्रष्टाचार के प्रकरण में मेहता ने जिन सम कार्ड का उपयोग किया उनके बारे में भी पूछताछ की जाएगी। इस प्रकरण में अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाएगी, जो भी इसमें लिप्त पाया जाएगा उन्हें भी आरोपी बनाकर कार्रवाई की जाएगी। एसीबी ने मेहता को शुक्रवार को तलवंडी स्थित उनके आवास के पास से हिरासत में लिया था और उसके बाद बंूदी एसीबी कार्यालय में पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
नहीं छोड़ा था यूआईटी चैयरमेन का पद
गौरतलब है कि सरकार बदलने के बाद कई दिनों तक मेहता ने यूआईटी का पद नहीं छोड़ा था इसके बाद सरकार ने कार्रवाई कर मेहता को पद से बर्खास्त कर दिया था। अब एसबी की कार्रवाई के बाद कयास लगाए जा रहा है कि कहीं मेहता के पद न छोडऩे के पीछे कुछ छिपाने वाले कारण तो नहीं थे।
अचानक बदल गई दी किस्मत
भाजपा नेता मेहता के पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से भी करीबी सम्पर्क हैं। इससे पहले मेहता एलआईसी अधिकारी थे लेकिन राजनेताओं से संबंध के कारण कई वरिष्ठ पादाधिकारियों को रेस में पीछे छोड़ उन्हें यूआईटी चैयरमेन की कुर्सी मिली थी। मेहता की गिरफ्तारी को लेकर बीते छह माह से अटकलें थीं। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार बदलते ही मेहता की गिरफ्तारी हो गई। दो दलाल गिरफ्तार, फिलहाल जमानत पर प्रकरण में 4 जुलाई 2018 को आरोपी महेश कुमार मेघानी व कंवलजीत सिंह की पूर्व में गिरफ्तारी हो चुकी है। जो वर्तमान में जमानत पर है।





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