युवाओं को जिस तरह से एडवेंचर से जुड़े खेल पसंद आ रहे हैं वैसे ही एडवेंचर स्पोट्र्स के कारण एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में भी कॅरियर को लेकर काफी डिमांड बढ़ रही है। इन दिनों इसे केवल हॉबी के रूप में ही नहीं बल्कि बतौर कॅरियर भी पसंद किया जाता है। विदेशों के साथ-साथ भारत में भी पर्यटकों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है जिससे एडवेंचर टूरिज्म का क्षेत्र काफी हद तक उभरता हुआ दिख रहा है। जानते हैं इस क्षेत्र केे बारे में -
एडवेंचर टूरिज्म
इस क्षेत्र के प्रोफेशनल किसी भी क्षेत्र में ऐसी जगह तलाश करते हैं जहां एडवेंचर एक्टिविटीज का संचालन किया जा सके। जैसे रिवर राफ्टिंग, बंजी जंप, हैली स्कीइंग, फाउंटेन रैपलिंग, साइकिल ट्रैकिंग, स्नोर्कलिंग, स्काई डाइविंग, स्कूबा डाइविंग आदि। इन एक्टिविटीज के दौरान प्रोफेशनल प्रारूप तैयार कर संभावित खतरों से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की कार्य योजना भी बनाते हैं।
जरूरी योग्यता
आमतौर पर इस क्षेत्र के प्रोफेशनल बनने के लिए किसी प्रकार की विशेष शैक्षणिक योग्यता पास होने की जरूरत नहीं है। केवल स्पोट्र्स एक्टिविटी में पूरी तरह से ट्रेंड होना अनिवार्य होगा। बात यदि एकडेमिक क्वालिफिकेशन की ही करें तो किसी भी संकाय में 12वीं या स्नातक पास होने के बाद अभ्यर्थी एडवेंचर स्पोट्र्स के डिप्लोमा या डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश पा सकता है। फिजिकली फिट होना जरूरी है।
संबंधित कोर्स
देश-विदेश में मौजूद कई प्राइवेट और गवर्नमेट कॉलेज, यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट ऐसे हैं जो इस क्षेत्र में बैचलर्स व मास्टर्स डिग्री से लेकर डिप्लोमा, सर्टीफिकेट के अलावा डिस्टेंस लर्निंग कोर्स संचालित करते हैं। एडवेंचर टूरिज्म में एडवेंचर टूर ऑपरेटर, प्रशिक्षक, आउटडोर ऑपरेटर, सफारी गाइड, एडवेंचर स्पोट्र्स ट्रेनर, साहसिक खेल फोटोग्राफर, गोताखोर ट्रेनर और सूचना सलाहकार जैसे क्षेत्रों में प्रोफेशनल को कार्य करना पड़ता है।
यहां से ले सकते हैं शिक्षा
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनियरिंग, उत्तरकाशी
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रेवल मैनेजमेंट, भुवनेश्वर
इंडियन हिमालयन सेंटर फॉर एडवेंचर एंड ईको टूरिज्म, सिक्किम





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