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सेना के जवान संदीप का शाहपुर में राजकीय सम्मान से किया अंतिम संस्कार

सिंघाना. अमृतसर में 515 एएससी बटालियन में तैनात शाहपुर के आर्मी जवान संदीप की सड़क हादसे में मौत हो गई। उनके पैतृक गांव शाहपुर में राजकीय सम्मान के साथ शुक्रवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सेना के जवानों ने सैनिक को गार्ड ऑफ ऑनर दिया । चचेरे भाई राजदीप व सौरभ ने मुखाग्नि दी। जवान के अंतिम संस्कार में विधायक सुभाष पूनिया, एडीएम राजेन्द्र गोयल, बुहाना एसडीएम राधिका देवी, डीएसपी रामप्रकाश मीणा, दिल्ली एसीपी महेश ठोलिया, थानाधिकारी सत्यपाल यादव, समाज सेवी मानसिंह सहारण, सरपंच प्रतिनिधि सूबेदार मेजर माहीराम, मालाराम, गुरुदयाल शर्मा, श्रीराम, दाताराम, कैलाश शर्मा, महीपालसिंह, नवीन कुमार सहित अनेक लोगों ने पार्थिव-देह पर पुष्प चक्र अर्पित किए।


पूरा परिवार सेना में
देश की सेवा में पूरा परिवार ही लगा हुआ है। परिवार के मुखिया कैलाश थालौर सेना से सेवानिवृत है। जो फिलहाल अलवर में आबकारी विभाग में कार्यरत है। उनके दो लड़के संदीप थालोर व अखिलेश थालौर भी सेना में ही नौकरी करते थे। अखिलेश थालोर की कुछ युवकों ने हत्या कर दी थी। वहीं अखिलेश थालौर की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिवार के लोग झुंझुनूं में धरने पर बैठे थे। उन्ही लोगों के लिए संदीप गांव से खाना लेकर जा रहा था। लाखु के पास सड़क हादसा हो गया। जिसमें संदीप थालौर की मौत हो गई। वहीं परिजन इसे सड़क हादसा न बताकर षडय़ंत्रपूर्वक हत्या करना बता रहे हैं। वहीं पूरे मामले की जांच झुंझुनूं एएसपी कर रहे हंै।

रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल
संदीप थालौर की पत्नी कौशल्या देवी व मां दयाकौर व पिता कैलाश थालौर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वहीं तीनों बेहोश हो गए। तीनों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर चिकित्सक से उपचार करवाया जा रहा है।

सड़क हादसे में संदीप थालौर की मौत की सूचना से घरवालों को अनभिज्ञ रखा गया। तीन दिन तक उनकी पत्नी कौशल्या, मां दयाकौर व परिजनों को नहीं बताया गया। यही बताया गया कि सभी लोग झुंझुनूं धरने पर बैठे हुए है। लेकिन शुक्रवार दोपहर को अंतिम संस्कार के लिए संदीप का शव लाया गया तो घर में कोहराम मच गया और परिजनों को रो-रो कर बुरा हाल हो गया।

दो महिने पहले ही हुई थी संदीप की शादी
संदीप थालौर की शादी 19 नवम्बर 2018 को खाजपुर नया गांव में कौशल्या के साथ हुई थी।
साथी माहीराम ने बताया कि संदीप थालौर मिलनसार व व्यवहार का कुशल था। जब भी गांव आता था तो सभी से मिलजुलकर रहता था।

दो सगे भाईयों की मौत होने से घर में छाया सन्नाटा- शाहपुर निवासी कैलाश थालौर के दो पुत्र व एक पुत्री है। जिसमें अखिलेश थालौर की पहले ही हत्या कर दी थी। वहीं दूसरे बेटे संदीप थालौर की सड़क हादसे में मौत होने से घर में मातम छा गया है। वहीं सबसे बड़ी पुत्री मीनू देवी है।

बंग्लोर में भर्ती हुए था संदीप
संदीप थालौर का जन्म 15 अगस्त 1993 को हुआ था। जो 2015 में बैंगलूरु में भर्ती हुए थे। इसके बाद पहली पोस्टिंग कोलकाता में हुई। जहां उन्होंने सर्विस की। इसके बाद अगस्त 2018 में वह अमृतसर में 515 एएससी बटालियन में आए थे।



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