गंगापुरसिटी (बामनवास) . मनरेगा कार्यों की जांच के नाम पर अनावश्यक दवाब बनाने का आरोप लगा एसडीएम के खिलाफ शुरू किया गया सरपंच-सचिवों का आंदोलन बेनतीजा रहा। शुक्रवार दोपहर को विकास अधिकारी उदयसिंह मीना द्वारा प्रधान मीरा गुर्जर से वार्ता कर पंचायत समिति कार्यालय पर लगाया गया ताला खुलवा दिया। इससे पूर्व दोपहर तक कर्मचारी ताला खुलने के इंतजार में बाहर बैठे रहे।
एसडीएम को हटाने की मांग को लेकर पंचायत समिति पर तालाबंदी करने वाले सरपंच-सचिव तथा प्रधान शुक्रवार को दिखाई नहीं दिए। गौरतलब है कि सरपंच-सचिव तथा प्रधान द्वारा एसडीएम को यहां से हटाने की मांग को लेकर गुरुवार शाम पंचायत समिति कार्यालय पर ताला जड़ दिया था।
बताया गया कि इस संबंध में सरपंच-सचिवों की ओर से गुरुवार शाम को ही विधायक को भी शिकायत की गई। इस पर विधायक ने भी उनको एसडीएम को हटवाए जाने को लेकर भरोसा दिलाया है। इस मामले में प्रधान मीरा गुर्जर ने कहा कि सरपंच तथा सचिव इस मामले को लेकर विधायक इंदिरा मीना से गुरुवार शाम को मिले थे। उन्होंने शनिवार को बामनवास आकर पूरे मामले की हकीकत जानने तथा उचित पाए जाने पर एसडीएम को यहां से हटवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद ही पंचायत समिति पर लगाया ताला खोला जा सका।
एसडीएम के समर्थन में आए ग्रामीण
इधर स्थानीय नागरिक भी अब एसडीएम दीपांशु सागवान के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने शुक्रवार को मुख्यमंत्री को सैंकड़ों हस्ताक्षरयुक्त पत्र भेजकर एसडीएम को यथावत रखने की मांग की है। पत्र में बताया कि एसडीएम जनहित में कार्य करने वाले अधिकारी हैं। मनरेगा योजना में हो रहे भारी फर्जीवाड़े को रोकने का उन्होंने प्रयास किया तो उन पर अर्नगल आरोप लगाकर नरेगा की जांच कार्यों का विरोध किया जा रहा है। कई ग्राम पंचायतों में बिना किसी काम के ही नरेगा की भुगतान राशि उठाई जा रही है। केवल भ्रष्टाचारी कर्मचारियों द्वारा एसडीएम की निरीक्षण कार्रवाई का विरोध किया जा रहा है। पत्र में विश्व हिन्दू परिषद के विजय गुर्जर, ज्ञानचंद शर्मा, श्रीनारायण माली, विक्रम मीना, रायसिंह मीना, योगेश शर्मा, ललित शर्मा सहित दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर थे।





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