रावतभाटा.
यहां कॉलेज की कुछ लड़कियों को सेल्फी लेने का शौक शुक्रवार को मौत के मुहाने पर ले आया। चंबल नदी के ब्रिज साइड पर शुक्रवार को मोबाइल से सेल्फी ले रही तीन कॉलेज छात्राएं अचानक आए पानी के बहाव के बीच फंस गई। बाद में पानी का उतार होने पर वे सुरक्षित बाहर निकलीं। जानकारी के अनुसार चंबल नदी पुलिया के पास शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे चार कॉलेज छात्राएं घूमने गईं। इस बीच तीन छात्राएं मोबाइल से नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में सेल्फी लेने लगी। इसी दौरान अचानक राणाप्रताप सागर बांध पर स्थित पन बिजलीघर द्वारा टरबाइन फुल लोड पर चला देने से पानी का बहाव तेज हो गया, जल स्तर बढ़ गया और तीनों छात्राएं नदी के टापूनुमा खाली स्थान पर फंस गई।
मौके पर पहुंचे अधिकारी:
फसने के बाद छात्राएं शोर मचाने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने पन बिजलीघर के अधिकारियों को फोन पर सूचना दी तो टरबाइन कम लोड पर लिया गया। इससे पानी का स्तर कम हुआ। इसके बाद छात्राएं सुरक्षित बाहर आई। घटनाक्रम की सूचना मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक दिनेश कुमार यादव, थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ तथा पन बिजलीघर के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, तब तक छात्राएं वहां से जा चुकी थी।
यूं बढ़ा जलस्तर:
जानकारी के अनुसार दोपहर एक बजे से पूर्व पन बिजलीघर के चार टरबाइन से 10-10 मेगावाट बिजली उत्पादित की जा रही थी। इससे 46 सौ क्यूसेक पानी प्रति सैकंड सामान्य बहाव से बांध से पानी छोड़ा जा रहा था। एक बजे बाद चारों टरबाइन को फुल लोड पर लेकर 43-43 मेगावाट उत्पादित की जाने लगी तो 16 हजार क्यूसेक पानी प्रति सैकंड छोड़ा जाने लगा। जलस्तर बढऩे से छात्राएं नदी के बीच में फंस गई। सूचना मिलने के बाद चारों टरबाइन 5-5 मेगावाट के लोड पर लिए गए और जल स्तर कम होने के बाद छात्राएं बाहर निकली। गौरतलब है कि चंबल नदी के ब्रिज क्षेत्र वन्य जीव अभयारण्य में है। यहां लोगों का नदी क्षेत्र में उतरना, नहाना या कोई भी गतिविधि करना प्रतिबंधित है।
वो जा चुकी थी तब तक
मामले में रावतभाटा थानाधिकारी दलपत सिंह राठौड़ ने बताया कि छात्राओं के नदी में फंसने की सूचना मिलने के बाद पनबिजलीघर के अधिकारियों को सूचित कर प्रवाहित पानी का स्तर कम करवाया। मौके पर पहुंचने तक छात्राएं नदी से निकल कर जा चुकी थी।





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