Breaking News
recent

कबड्डी की बेस्ट प्लेयर रह चुकी उर्मिला नहीं खेल सकी नेशनल प्रतियोगिता

चूरू. खेल में प्रतिभाओं को दबाने का आए दिन कोई न कोई मामला सामने आता रहता है। प्रतिभावान खिलाड़ी खेल की राजनीति में फंसकर उलझ जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सरदारशहर तहसील के गांव बिजरासर में सामने आया है। यहां की उर्मिला पोटलिया चार बार नेशनल कबड्डी खेल चुकी है। 2017 में धौलपुर में हुई राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उर्मिला को राज्य में कबड्डी का बेस्ट प्लेयर भी घोषित किया जा चुका है। लेकिन आठ फरवरी को जयपुर के चौगान स्टेडियम में राज्य स्तरीय टीम के लिए हुए ट्रायल में उर्मिला को खेल संघ व खेल विभाग की ओर से सूचना तक नहीं दी गई। इसके कारण उर्मिला नेशनल कबड्डी प्रतियोगिता में जाने से वंचित रह गई। उर्मिला ने बताया कि जब भी राज्य स्तरीय टीम के लिए चयन होता था। तो उसे खेल संघ व खेल विभाग की ओर से सूचना जरूर दी जाती थी। लेकिन इस बार उसे कोई सूचना नहीं दी गई। उसके साथ खेल संघ की ओर से राजनीति की गई है। खेल संघ में दो फाड़ होने का नतीजा उसे भुगतना पड़ा है। उर्मिला ने बताया कि वह 2015 से 18 तक लगातार नेशनल कबड्डी खेल रही है। 2017 में धौलपुर में हुई स्कूली खेल प्रतियोगिता में उसे राज्य का बेस्ट प्लेयर चुना गया था। चूरू जिला टीम की वह 2015 से 18 तक कप्तान रही। 2017- 18 में माउंटआबू में लगे ग्रीष्मकालीन शिविर में उसे राज्य का बेस्ट प्लेयर चुना गया। उसके नेतृत्व में चूरू जिले की टीम राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता 2015 में तीसरा, 2016 में प्रथम, 2017 में दूसरा, 2018 में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुकी है। 2019 में राज्य स्तरीय जूनियर टीम के चयन के लिए जयपुर के चौगान स्टेडियम में आठ फरवरी को ट्रायल हुआ। लेकिन ट्रायल के लिए उसे कोई सूचना नहीं दी गई। उसके साथ खेल संघों ने अन्याय किया है। इसके कारण व कई दिनों से डिप्रेशन में है।


25 सौ रुपए देकर 400 मीटर दौड़ा, लेकिन प्रमाण पत्र फर्जी निकला
फर्जी खेल संगठनों का शिकार जोधपुर तहसील के गांव भालेसर निवासी पूनाराम भी हुआ। पूनाराम ने बताया कि दिनेश नाम के एक व्यक्ति ने उसे कहा कि खेल का प्रमाण पत्र दिला देंगे। जिससे तुझे आर्मी और पुलिस भर्ती में फायदा होगा। इसके कारण उसने 2500 रुपए देकर जोधपुर मंडोर स्थित स्टेडियम में 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया। आयोजकों ने कहा कि आप कितना भी दौड़ो आपको प्रमाण पत्र मिल जाएगा। उसने निर्धारित समय से काफी देर बाद दौड़ पूरी की। उसे प्रथम स्थान का सर्टिफिकेट दिया गया। प्रतियोगिता का नाम रखा गया टारगेट ओलंपिक गेम ऑफ इंडिया। लेकिन जब इस ओलंपिक का सर्टिफिकेट खेल अधिकारियों को दिखाया उसे इस फर्जीवाड़े का एहसास हुआ। खेल अधिकारियों ने कहा कि यह सर्टिफिकेट पूरी तरह नकली है और किसी काम नहीं आएगा। इसके बाद कई बार उन खेल संघों का फोन आया। लेकिन वह खेल में भाग लेने नहीं गया। युवक दिनेश ने यह भी कहा था कि खेल से पहले आपको पूरा ट्रैक सूट, ड्रेस व जूते दिए जाएंगे। मगर वो भी नहीं मिला। इसमें 40 लड़के दौड़े थे। सबको फस्र्ट व सैकेंड का सर्टिफिकेट दिया गया। जिस संस्था की ओर से आयोजन कराया गया था। वह रजिस्टर्ड है। वेबसाइट भी बना रखी है। लेकिन उसकी तरफ से कराए जाने वाले खेल आयोजनों को खेल संघ की ओर से मान्यता नहीं दी गई है। इसलिए यह खेल पूरी तरह से फर्जी था। संगठन कई युवाओं को बर्बाद कर चुका है और रुपए ऐंठ चुका है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.